संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अबू धाबी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू होने की घोषणा की। उसने बताया कि यह बातचीत 24 जनवरी को भी जारी रहेगी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “बातचीत आज अबू धाबी में शुरू हुई और यह दो दिनों तक जारी रहने वाली है, जो बातचीत को बढ़ावा देने और संकट के राजनीतिक समाधान खोजने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।” संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है। इस दौरान यूक्रेन में युद्धविराम की शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। यह चार साल में पहला मौका है, जब तीनों देश एक साथ बैठक कर रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पहले दिन के बातचीत के बाद एक बयान जारी कर कहा है कि इसके बारे में कुछ भी कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। जेलेंस्की ने आगे कहा, ‘हम देखेंगे कि बातचीत कैसे आगे बढ़ती है और इसके क्या परिणाम निकलते हैं।’

यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अबू धाबी में शुक्रवार को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। यह बातचीत आज भी जारी रहेगी। 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद तीनों देशों की पहली संयुक्त बैठक है। दोनों पक्ष पहले भी कह चुके हैं कि जमीन का सवाल सबसे अहम है। खास तौर पर पुतिन की मांग है कि यूक्रेन डोनेत्स्क क्षेत्र का वह 20 प्रतिशत हिस्से पर दावेदारी छोड़ दे जिस पर उसका अब भी नियंत्रण है।

बयान में यह भी कहा गया कि इसी समय, UAE के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने उम्मीद जताई कि बातचीत यूक्रेनी संकट के समाधान को करीब लाएगी। इससे पहले दिन में, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा था कि रूस और अमेरिका इस बात पर सहमत हुए हैं कि सुरक्षा मुद्दों पर त्रिपक्षीय कार्य समूह की पहली बैठक शुक्रवार को अबू धाबी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ होगी।

जेलेंस्की ने यह साफ कर दिया है कि 2022 से भारी नुकसान झेलते हुए जिस जमीन की रक्षा यूक्रेन ने की है, उसे वह नहीं छोड़ेगा। इसके साथ ही यूक्रेन अमेरिका से सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को ट्रम्प को नोबेल के लिए नॉमिनेट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प यूक्रेन जंग को सही तरीके और पूरी तरह से खत्म करने में सफल रहे तो वह उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने पर विचार करेंगी। यह अबू धाबी में होने वाली यूक्रेन, रूस और अमेरिका की त्रिपक्षीय बैठक बहुत खास है क्योंकि अब तक की ज्यादातर बातचीत अलग-अलग होती थी। यह युद्ध खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दोवास में जेलेंस्की से बात की थी। यह बैठक बंद कमरे में हुई और लगभग एक घंटे तक चली। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि पुतिन के लिए मेरा साफ संदेश है कि यूक्रेन जंग खत्म होनी चाहिए।

रूस ने यूक्रेन के करीब 20% हिस्से, यानी लगभग 1 लाख 14 हजार 500 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर रखा है। डोनबास के डोनेट्स्क और लुहांस्क के अलावा इसमें क्रीमिया, खेरसॉन और जापोरिज्जिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं। रूस इन क्षेत्रों को अपनी सामरिक और ऐतिहासिक धरोहर मानता है और इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है। पुतिन साफ कह चुके हैं कि यूक्रेन से शांति को लेकर बातचीत तभी हो सकती है जब यूक्रेन, रूस के कब्जाए गए क्षेत्रों से अपना दावा छोड़े और उन इलाकों को रूस के हिस्से के रूप में स्वीकार करें।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका-मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और फेडरल एक्विजिशन सर्विस कमिश्नर जोश ग्रुएनबाम के साथ लगभग चार घंटे तक बातचीत की। इस खास मुलाकात के दौरान रूस की तरफ से पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और इन्वेस्टमेंट दूत किरिल दिमित्रिव ने भी हिस्सा लिया। पत्रकारों के साथ टेलीफोनिक बातचीत में उशाकोव ने इस मुलाकात को सार्थक, कंस्ट्रक्टिव और बहुत साफ बताया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m