पटना/नई दिल्ली। बिहार कांग्रेस को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में अहम बैठक हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव सहित बिहार के सभी विधायक, सांसद, एमएलसी और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

पप्पू यादव बोले- बिहार में कांग्रेस के लिए बड़ा मौका

बैठक के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में कांग्रेस के लिए अपार संभावनाएं हैं। अगर सभी नेता मिलकर ईमानदारी से काम करें तो 2029 और 2030 में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की जरूरत है और नेताओं को काम करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।

ऊंची जातियों को जोड़ने और सड़क पर उतरने की बात

पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा मुद्दों से जुड़ना होगा। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं और नशा बड़ी समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऊंची जातियों को भी कांग्रेस के साथ लाने की रणनीति बनानी होगी और पार्टी को सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना चाहिए।

एक हफ्ते में विधायक दल नेता का फैसला

पप्पू यादव ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल के नेता का ऐलान एक हफ्ते के अंदर कर दिया जाएगा। राजद को लेकर उन्होंने कहा कि हर दल की अपनी आंतरिक राजनीति होती है और कांग्रेस को अपने संगठन पर फोकस करना चाहिए।

राहुल गांधी का संदेश- जिम्मेदारी लेनी होगी

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि बिहार कांग्रेस के नेताओं को जमीन पर मेहनत करनी होगी। सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व के भरोसे संगठन मजबूत नहीं होगा। स्थानीय नेताओं को जिम्मेदारी निभानी होगी।

अफवाहें निराधार: केसी वेणुगोपाल

संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरों को सिरे से खारिज किया और कहा कि सभी विधायक बैठक में मौजूद थे।

भाजपा का तंज

वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी देश में अपना जनाधार खो चुकी है और ऐसी बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकलने वाला।