यूक्रेन के दो सबसे बड़े शहरों कीव और खारकीव पर रूस ने शनिवार तड़के बड़े पैमाने पर हमला किया. कीव में ड्रोन और मिसाइल हमलों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि खारकीव में 11 लोगों को चोटें आईं. यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, राजधानी पर 100 से ज्यादा ड्रोन दागे गए. कई इलाकों में आग लगी और बिजली-हीटिंग व्यवस्था प्रभावित हुई. हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस बीच यूक्रेन के 2 सबसे बड़े शहर रूसी हमले की चपेट में बताए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में 13 लोग घायल हुए हैं. दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अबू धाबी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू होने की घोषणा की। उसने यह भी बताया कि यह बातचीत 24 जनवरी को भी जारी रहेगी। 

रूस यूक्रेन में जंग लगभग 4 साल से जारी है. इसी बीच यूक्रेन के 2 सबसे बड़े शहरों पर रूस ने ड्रोन से हमले किए, जिनमें राजधानी कीव में 2 और उत्तर-पूर्व में स्थित खार्किव में 11 लोग घायल हो गए हैं. रूस यूक्रेन में जंग लगभग 4 साल से जारी है. अभी तक सीजफायर को लेकर किसी तरह की कोई सहमति नहीं बन सकी है. दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (24 जनवरी) की सुबह यूक्रेन के 2 सबसे बड़े शहरों पर रूसी हमले हुए, जिनमें राजधानी कीव में 2 और उत्तर-पूर्व में स्थित खार्किव में 11 लोग घायल हो गए हैं. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि राजधानी में घायल हुए दोनों लोग गंभीर हालत में हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि राजधानी को दो भागों में बांटने वाली नीप्रो नदी के दोनों किनारों पर स्थित दो जिलों में हड़तालें हुई हैं.

क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर लिखा, “कीव पर दुश्मन का भारी हमला हो रहा है.” यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि राजधानी पर हमले में ड्रोन और मिसाइलों दोनों का इस्तेमाल किया गया था. कीव के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि कम से कम 3 जिलों में ड्रोन हमले हुए, जिससे कम से कम 2 जगहों पर आग लग गई.

मेयर इगोर तेरेखोव ने टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन ने विस्थापित लोगों के लिए बने एक छात्रावास, एक अस्पताल और एक प्रसूति अस्पताल पर हमला किया था. ये ताजा हमले यूक्रेन, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के वार्ताकारों द्वारा संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 4 साल से चल रहे युद्ध के समाधान की दिशा में काम करने के दौरान हुए हैं.

नए साल के बाद से यह कीव पर दूसरा बड़ा रातभर चलने वाला हमला है. इन हमलों के कारण सैकड़ों रिहायशी इमारतों में बिजली और हीटिंग सप्लाई बाधित हो गई है. आपातकालीन सेवाएं अब भी हालात सामान्य करने में जुटी हैं. चिंता की बात यह है कि हमले के वक्त तापमान माइनस 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गईं.

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