रमेश सिन्हा, महासमुंद। जिले के धान उपार्जन केंद्रों में प्रशासन की सख्ती के बीच एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. बसना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर समिति में भौतिक सत्यापन के दौरान 650 पैकेट धान कम पाया गया है. शासन को 8 लाख रुपये से अधिक का चूना लगाने के आरोप में समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.


SDM के निरीक्षण में खुली पोल
21 जनवरी 2026 को एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा ने जगदीशपुर केंद्र का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया था. ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार केंद्र में 14,126.40 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, जिसे समिति प्रभारी ने 35,316 पैकेट बताया. लेकिन जब मौके पर बोरों की गिनती की गई, तो वहां केवल 34,666 पैकेट ही मिले.
650 पैकेट धान गायब, शासन को लाखों का नुकसान
जांच में यह पाया गया कि समिति प्रभारी ने कुल 260 क्विंटल (650 पैकेट) धान का गबन किया है. इस कमी की कुल वित्तीय गणना इस प्रकार है:
- धान का समर्थन मूल्य: 6,15,940 रुपये
- कृषक उन्नति योजना राशि: 1,90,060 रुपये
- कुल गबन राशि: 8,06,000 रुपये (आठ लाख छह हजार रुपये)
मामला दर्ज
शासन की धान खरीदी नीति 2025-26 का उल्लंघन करने और जानबूझकर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में बसना पुलिस ने कार्रवाई की है. आरोपी कुशाग्र प्रधान के विरुद्ध धारा 316(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है.
अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
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