कुंदन कुमार/पटना। चर्चित मामले को लेकर सांसद पप्पू यादव द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर बिहार की राजनीति गरमा गई है। पप्पू यादव ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में किसी मंत्री का बेटा शामिल हो सकता है, वहीं एम्स के डॉक्टरों ने भी जांच से जुड़े कुछ जरूरी कागजात नहीं दिए जाने की बात कही है।

मांझी का जवाब: सरकार पूरी तरह गंभीर

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि पप्पू यादव अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन बिहार सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

SIT का गठन, हर पहलू की जांच

मांझी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन कर दिया गया है। यह टीम उन सभी स्थानों का दौरा कर रही है, जहां बच्ची गई थी या जिन लोगों का उससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध रहा है।

निष्पक्ष जांच का दावा

उन्होंने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार के शासन में न किसी को बेवजह फंसाया जाता है और न ही किसी दोषी को बचाया जाता है। कानून पूरी निष्पक्षता के साथ अपना काम कर रहा है।

CBI जांच से भी पीछे नहीं हटेगी सरकार

सीबीआई जांच की संभावना पर मांझी ने कहा कि अगर जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो सरकार किसी भी स्तर की कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।

एम्स रिपोर्ट पर सफाई

एम्स से जुड़े मेडिकल दस्तावेजों में देरी या कमी के सवाल पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।