टुकेश्वर लोधी, आरंग। आरंग नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा में उस समय एक बड़ी राजनीतिक शून्यता देखी गई, जब लंबे समय बाद आयोजित की गई सामान्य सभा की बैठक में पार्षदों का भारी टोटा रहा. परिषद के कुल 17 पार्षदों में से 16 पार्षद बैठक में नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण सामान्य सभा की कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित रही.

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नगर पालिका के गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा सत्ताधारी दल के पार्षदों की अनुपस्थिति को लेकर है. भाजपा के 10 में से 9 पार्षद बैठक में शामिल नहीं हुए. पार्षदों की इस गैर-मौजूदगी को अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन की कार्यप्रणाली और शहर के विकास कार्यों की कथित अनदेखी से जोड़कर देखा जा रहा है. 16 पार्षदों का एक साथ बैठक में न आना नगर पालिका की राजनीति में एक बड़े असंतोष की ओर इशारा कर रहा है.

खाली कुर्सियों के बीच शुरू हुई सभा

निर्धारित समय पर जब बैठक शुरू हुई, तो सभागार का दृश्य पूरी तरह बदला हुआ था. बैठक के पहले कांग्रेस पार्षद नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी शीतल चंद्रवंशी से मुलाकात कर बैठक तय समय पर शुरू नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की. बैठक तय समय से लगभग एक घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन बैठक में भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष संदीप जैन और छग चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं भाजपा पार्षद ध्रुव कुमार मिर्धा ही पहुंच सके.

शिवसेना ने भी जनहित के मुद्दों को बैठक में शामिल नहीं किए जाने के कारण बैठक का बहिष्कार किया और बैठक छोड़कर चले गए. कांग्रेस पार्षदों ने बैठक में भाजपा पार्षदों की अनुपस्थिति पर जमकर हमला किया. कुछ देर के बाद कांग्रेस पार्षद भी बैठक का बहिष्कार करते हुए चले गए.

बैठक से पहले नहीं किया विचार विमर्श

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा पार्षदों का कहना है कि लंबे समय बाद परिषद में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन बैठक में जनहित से जुड़े विषयों को शामिल नहीं किया गया था. बैठक रखने से पूर्व न तो नगर पालिका अध्यक्ष और न ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पार्षदों से विचार विमर्श किया न तो इसके लिए बैठक बुलाया.

सभी पार्षद चाह रहे थे कि अगर परिषद की बैठक होती है तो सबसे पहले सभी पार्षदों से विचार विमर्श किया जाए और सभी पार्षदों से उसके वार्डो से जनकल्याण के विषयों को बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए. भाजपा पार्षदों ने बताया कि बैठक के विरोध भाजपा पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बैठक बहिष्कार की जानकारी लिखित में दे दी गई थी, जिसके कारण 10 में से 9 भाजपा पार्षद अनुपस्थित रहे.

पालिका अध्यक्ष को बताया तानाशाह

आरंग नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ संदीप जैन को तानाशाह बताते हुए आरोप लगाया है कि लगभग 4 महीने बाद नगर पालिका में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी. हमने बैठक में नगर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को शामिल करने के लिए अवगत कराया था, लेकिन तानाशाह अध्यक्ष ने इनको एजेंडे में शामिल नहीं किया. अध्यक्ष नगर पालिका कार्यालय आते ही नहीं है. नगर के सारे कार्य ठप पड़े हैं. उन्होंने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष का किसी भी पार्षदों के साथ बातचीत नहीं है.

26 जनवरी था महत्वपूर्ण विषय

वही इस पूरे मामले में नगर पालिका अध्यक्ष संदीप जैन ने लल्लूराम संवाददाता को बताया कि आगामी 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व का जो कार्यक्रम है, वो अति महत्वपूर्ण कार्य है, समय कम होने के वजह से हमारे नगर पालिका नियमावली में 3 दिवस का सूचना प्रकाशन में करवा कर महत्वपूर्ण कार्यो को निपटाया जाता है. इस वजह से सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गयी थी, जिसमें 26 जनवरी महत्वपूर्ण विषय था, और आवश्यक सेवा में आने वाले 5 विषयों को रखा गया था.

समय की कमी बनी वजह

उन्होंने कहा कि नगर पालिका नियमावली में 7 दिवसीय सूचना प्रकाशन का प्रावधान है, उसमें विकास के और विभिन्न अन्य मुद्दे रखे जाते हैं. चूंकि समय के कमी के करना 3 दिन में सूचना का प्रकाशन कर दिया गया, जिसके कारण और विषयों को शामिल नहीं किया गया था. पुनः 10 दिन के अंदर सामान्य सभा की बैठक रखी जाएगी, जिसमें सारे विकास के मुद्दे शामिल किया जाएगा. वहीं पालिका अध्यक्ष ने अपने और भाजपा पार्षदों के बीच तालमेल नहीं बैठे के सवाल पर कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. ये गलत जानकारी है, और विपक्ष का षडयंत्र है. विपक्ष का काम ही है कि सत्ता पक्ष में बैठे और उसको षडयंत्र करके कमजोर करना.

सात पार्षदों ने दिया था लिखित आवेदन

इस विषय पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी शीतल चंद्रवंशी का कहना है सामान्य सभा की बैठक रखी गयी थी. बैठक में 6 एजेंडा रखा गया था. बैठक में सिर्फ एक पार्षद ही उपस्थित रहे, और बाकी पार्षद अनुपस्थिति रहे, जिसमें कांग्रेस के 5 पार्षद , शिवसेना के 2 पार्षद बहिष्कार करने का लिखित आवेदन दिए और बीजेपी के 9 पार्षद भी अनुपस्थित रहे.

पार्षदों की एकता से बड़ा संदेश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्षदों की यह एकजुटता अध्यक्ष के प्रति ‘अविश्वास’ का संकेत हो सकती है. बहुमत होने के बावजूद अपने ही पार्षदों का साथ न मिलना नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.संदीप जैन के लिए एक कठिन चुनौती पेश कर रहा है. पार्षदों की इस अनुपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि नगर पालिका के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में अगर यही स्थिति रही तो आरंग की राजनीति में किसी बड़े फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.