भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। चार दिनों तक चले भारत के ऑपरेशन की सफलता का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। अब एक विस्तृत यूरोपीय मिलिट्री एनालिसिस में कहा गया है कि पाकिस्तान के साथ हुए हवाई संघर्ष के दौरान भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा और अपनी सबसे महत्वपूर्ण एयर डिफेंस की रक्षा की। विश्लेषण में भारत की सफलता के बारे में कहा गया कि इसने टकराव की गति और सीमा दोनों को नियंत्रित किया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना कोई ऑपरेशन प्रभाव हासिल करने में सफल नहीं रही।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के अंदर हमला किया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई संघर्ष छिड़ गया था।
ऑपरेश सिंदूर: भारत-पाकिस्तान हवाई युद्ध (7-10 मई 2025) के नाम वाली इस रिपोर्ट को स्विटजरलैंड स्थित एक स्वतंत्र स्विस सैन्य इतिहास और रणनीतिक अध्ययन संस्थान डी’हिस्टोइरे एट डी प्रोस्पेक्टिव मिलिटेयर्स (CHPM) ने प्रकाशित किया है।
स्टडी में कहा गया है कि भारत ने पहले ही बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए तैयारी कर रखी थी। अप्रैल 2025 के आखिर काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम डिफेंस अभ्यास किया गया था। यह एक ऐसा कारक था जिसने पाकिस्तानी ड्रोन हमलों के शुरू होने के बाद भारत की प्रतिक्रिया को असरदार बनाने में सीधे भूमिका निभाई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पहले के तरीकों से बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया दी थी। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकारी ने भारतीय बलों को पाकिस्तान के अंदर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी ढांचे पर हमले की मंजूरी दी और साथ ही सशस्त्र बलों को स्थिति संभालने के लिए खुली छूट दी गई।
भारत की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बार-बार अपनी जगह बदली और पाकिस्तानी सेना को सटीक डेटा देने से रोका। भारत ने पाकिस्तान से आने वाले ज्यादातर गोला-बारूद को रोक दिया, बाधित किया या निष्क्रिय कर दिया।
भारत के सटीक हमलों में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा था। भारत की मार से तिलमिलाए पाकिस्तान ने ड्रोन, रॉकेट, मिसाइलों और सीमित हवाई अभियानों के साथ जवाबी कार्रवाई की। ये हमले भारत के वायु रक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाने में विफल रहे।
यह भी कहा गया है कि भारतीय हमलों ने पाकिस्तान को अपने कई रडार को पता लगने से बचने के लिए बंद करने या एमिशन को सीमित करने पर मजबूर कर दिया। पाकिस्तान की हवा और ड्रोन ऑपरेशन्स को कोऑर्डिनेट करने की क्षमता खराब होती गई। भारतीय हमले का सबसे महत्वपूर्ण दौर 10 मई को था जब भारत ने ब्रह्मोस, स्कल्प और रैम्पेज मिसाइलों का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी इलाके में 200 किलोमीटर अंदर तक लंबी दूरी के मिसाइल हमले किए।
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