Korba-Raigarh News Update : कोरबा. जिले के कटघोरा वनमंडल में इन दिनों बाघ गणना का काम चल रहा है. इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जंगल में पैदल चलकर वहां मौजूद बाघ, चीता व अन्य हिंसक जानवरों का सर्वे कर रहे हैं. सर्वे के दौरान चैतमा रेंज में एक स्थान पर तेंदुए के पैरों के निशान मिले हैं, जिससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि क्षेत्र के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी बनी हुई है. याद रहे कटघोरा वनमंडल के चैतुरगढ़ व आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले भी ग्रामीणों द्वारा तेंदुए को देखे जाने की जानकारी वन विभाग को देने के साथ आम होती रही है. क्षेत्र में मौजूद तेंदुए द्वारा पशुओं का शिकार किए जाने का मामला भी कई दफ सामने आया है.


चैतमा रेंज के जंगल में मिले तेंदुए के पैरों के निशान
कोरबा. कटघोरा वनमंडल में इन दिनों बाघ गणना का काम चल रहा है. इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जंगल में पैदल चलकर वहां मौजूद बाघ, चीता व अन्य हिंसक जानवरों का सर्वे कर रहे हैं. सर्वे के दौरान चैतमा रेंज में एक स्थान पर तेंदुए के पैरों के निशान मिले हैं जिससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि क्षेत्र के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी बनी हुई है. याद रहे कटघोरा वनमंडल के चैतुरगढ़ व आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले भी ग्रामीणों द्वारा तेंदुए को देखे जाने की जानकारी वन विभाग को देने के साथ आम होती रही है. क्षेत्र में मौजूद तेंदुए द्वारा पशुओं का शिकार किए जाने का मामला भी कई दफ सामने आया है.
14 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
कोरबा. सिरकी गांव में 14 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दीपका पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. बताया कि कक्षा 6वीं में पढ़ने वाले शिवम प्रजापति पिता कन्हैयालाल प्रजापति की मौत की पुष्टि चिकित्सक ने परीक्षण के बाद की. बताया गया कि पिछली रात 8:30 बजे बालक अपने घर पर आग ताप रहा था. इस दौरान वह अचानक बेहोश हो गया.परिजनों ने आनन फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां चिकित्सकों ने ने प्राथमिक परीक्षण के बाद शिवम के मृत्यु होने की पुष्टि की है. पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्यवाही कर शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा.
मंडी नियमों से परेशान किसान, धान बिक्री ठप
नोनबिर्रा. पाली अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा में किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. उर्पाजन केन्द्र में भरपूर आवक होने के बावजूद किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं. मंडी संचालकों व संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी फरमानों के कारण खरीदी प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
किसानों का कहना है कि धान तैयार होकर बोरियों में भरकर मंडी परिसर में रखा हुआ है, लेकिन नियमों और औपचारिकताओं के नाम पर खरीदी नहीं की जा रही है. धान गुणवत्ता ठीक है. ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप कर धान खरीदी की प्रक्रिया सरल की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके. यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है. ग्राम के किसान मंगल सिंह कंवर ने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन के माध्यम से 32 क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन काटा था, परंतु 9 क्विंटल धान को वापस मंडी वालों ने कर दिया. मंडी वालों को कहना है कि उसे अधिकारियों के द्वारा किसानों से कम धन लेने का फरमान जारी किया है, अधिकारियों के निदेर्शानुसार धान खरीदी की जा रही है.
जिला अस्पताल के डॉक्टर क्वार्टर में लगी आग
रायगढ़. जिला अस्पताल के डॉक्टर्स कालोनी के एक क्वार्टर में अचानक आग लग जाने से हडक़म्प मच गई थी. सूचना मिलते हुए पुलिस व दमकल की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आग को बुझाया गया. बताया जा रहा है कि क्वार्टर के बरामदे में दो सिलेण्डर रखे हुए थे, जिनमें आग लगी थी. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी. जिला अस्पताल में गोपी टॉकीज मार्ग की ओर डॉक्टर्स कालोनी है, जिसमें डॉक्टरों के अलावा अस्पताल के कर्मचारी रहते हैं. शुक्रवार की रात करीब 9 बजे बिल्डिंग के द्वितीय तल के एक क्वार्टर से आग की लपटें उठते देख आस-पास क्षेत्र में हडकंप मच गई थी. वहां मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना सिटी कोतवाली पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी. वहीं, आग लगने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एवं फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास में जुट गई. हालांकि कुछ ही देर में सभी के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया. बताया जा रहा है कि क्वार्टर के बरामदे में दो सिलेण्डर और अन्य सामान रखा था, जिसमें आग लगी थी. आग केवल बरामदे में ही फैल पाई थी तथा समय रहते आग बुझा लिया गया अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी. मामले की सूचना मिलने पर एएसपी अनिल कुमार सोनी भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली. एएसपी ने बताया कि आग से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है.
किरकिरी के बाद मिलावटी दूग्ध सामग्री जब्त
रायगढ़. मिलावटी दुग्ध और अन्य सामग्री की जांच कर खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने दुकानदार के ही सुपुर्द कर दिया था. इस खबर के बाद विभाग की काफी किरकिरी हुई. कलेक्टर के संज्ञान में आया तो विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. इसके बाद दूसरे दिन जाकर करीब दो लाख के मिलावटी दुग्ध और अन्य सामग्री जब्त की गई. जब जांच में पता चल गया था कि दुग्ध मिलावटी है तो उसी समय जब्त कर लेना था, लेकिन अधिकारियों ने दुकानदार के कब्जे में दे दिया. दूसरी ओर जांच करने वालें अधिकारियों ने गोल-गोल जवाब भी दिया. शुक्रवार को यह पूरी कहानी होने के बाद जब कलेक्टर की फटकार पड़ी तो अधिकारियों ने आनन-फानन में दुकान पहुंचे और सुपुर्द किए गए सामग्री जब्त किया.
जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 04-क्यूसी-8689 में दही एवं कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 एवं 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जारों एवं पैकेटों में लाए गए थे. शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि वाहन चालक एवं अन्य लोगों द्वारा जारों पर लगे मूल खाद्य लेबल हटाकर अन्य ब्रांड के रैपर चिपकाए जा रहे हैं. सूचना की गंभीरता को देखते हुए उक्त वाहन को थाना चक्रधरनगर परिसर लाया गया तथा खाद्य सुरक्षा प्रशासन को तत्काल अवगत कराया गया. खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम तत्काल थाना परिसर पहुंची और वाहन में भरे दुग्ध उत्पादों की जांच की. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उक्त खाद्य पदार्थ सोनिया जायसवाल, प्रोपराइटर, मेसर्स कस्तूरी डेयरी, छोटे अतरमुड़ा, गांधी नगर, केलोविहार रायगढ़ द्वारा जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में विक्रय के लिए वैद्य फूड्स प्रोडक्ट्स, शंकर नगर, भिलाई-3, कुम्हारी, जिला दुर्ग से मंगाए गए थे.
मौके पर की गई जांच में यह भी गंभीर अनियमितता पाई गई कि नंदनम क्लासिक दही, जिसे कृष्णा नंदन मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राम झाली, जिला बिलासपुर द्वारा प्रोसेस एवं मार्केट किया जाता है, जिसके 5 एवं 15 किलोग्राम के बंद जारों से मूल लेबल हटाकर उन पर वैद्य फूड्स दही का रैपर चिपकाया जा रहा था. यह कृत्य खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनियम, 2020 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है. मौके पर विक्रय के लिए रखे गए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर संदेह तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनियम, 2020 के प्रावधानों का पालन नहीं पाए जाने के आधार पर दही एवं कॉटेज एनालॉग की भारी मात्रा को विधिवत जब्त कर खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में निरुद्ध किया गया. जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 2 लाख 3 हजार 750 रुपये आंका गया है.
इन सामानों की जब्ती
जब्ती में 5 किलोग्राम के 40 जार नंदनम क्लासिक दही कुल 200 किलोग्राम, 15 किलोग्राम के 21 जार वैद्य फूड्स दही कुल 315 किलोग्राम, वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग के 4 किलोग्राम के 80 पैकेट कुल 320 किलोग्राम तथा 1 किलोग्राम के 450 पैकेट कुल 450 किलोग्राम शामिल है. इस प्रकार कुल 515 किलोग्राम दही एवं 770 किलोग्राम कॉटेज एनालॉग जब्त किया गया है. खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं संबंधित विनियमों के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी.


