लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए. समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि यह समारोह सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और शिक्षा पर समाज के हर वर्ग के समान अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है. मैं इस अवसर पर छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे प्रदेश के सभी 19 लाख छात्र-छात्राओं को हृदय से बधाई देता हूं.
सीएम ने कहा कि नीयत साफ हो और नीति स्पष्ट हो, तो भ्रष्टाचार रूपी दानव को नियंत्रित किया जा सकता है. आप सोचिए…आज से नौ वर्ष पहले अध्ययन कर रहा छात्र भ्रष्टाचार के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रह जाता था, क्योंकि उस समय सरकार की नीयत साफ नहीं थी और अपने-पराए का भेद किया जाता था.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 लाख छात्रों के खातों में एक साथ, एक क्लिक के माध्यम से राशि का अंतरण कर दिया गया. क्या किसी का चेहरा देखकर छात्रवृत्ति दी गई? नहीं. यह उनकी आवश्यकता थी, क्योंकि शिक्षा पर हर विद्यार्थी का अधिकार है. जब ‘परिवार प्रथम’ का भाव होता है, तब भ्रष्टाचार होता है और जब ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव होता है, तब बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ सबको प्राप्त होता है.
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पहले गरीब परिवारों की बेटियां केवल आठवीं तक ही पढ़ पाती थीं. हमने इन विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर (10वीं से 12वीं) तक विस्तारित किया, ताकि वे आगे पढ़ सकें. आज ये बेटियां वहां अध्ययन कर रही हैं और उनकी शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है.
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