Republic Day 2026: देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के लोगों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा- सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है।
उन्होंने आगे लिखा कि- गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः। अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष की थीम पर आधारित इस समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे। 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य ताकत का प्रदर्शन करेगा. इसमें नई सैन्य इकाइयों और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए हथियारों के मॉडल दिखाए जाएंगे।
कर्तव्य पथ पर होने वाला यह कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित होगा। इसकी अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। समारोह सुबह 10.30 बजे शुरू होगा और करीब 90 मिनट तक चलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी में कर्तव्य पथ पहुंचेंगे।
पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने देश को संबोधित किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस का पावन पर्व हमें हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दशा और दिशा का अवलोकन करने का अवसर देता है। स्वतंत्रता संग्राम के बल पर 15 अगस्त 1947 के दिन हमारे देश की दशा बदली। भारत स्वाधीन हुआ और हम अपनी राष्ट्रीय नियति के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के स्वरूप को जीवित रखने के सभी प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। पिछले साल 7 नवंबर से हमारे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में समारोह चल रहे हैं। भारत माता के दिव्य स्वरूप का आदर करने वाला यह गीत जनता के हृदयों में राष्ट्रीय गौरव की भावना का संचार करता है। वंदे मातरम् भारत माता के दिव्य स्वरूप की आराधना है, जो प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना जागृत करती है।
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