पटना। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए को सरकार बनाने का जनादेश दिया है, वहीं महागठबंधन को विपक्ष में बैठने का फैसला सुनाया है। इसके साथ ही जनता ने जन सुराज को सड़क पर उतरकर संघर्ष करने और सरकार पर दबाव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

1 जून से सरकार को घेरने का अभियान

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जनता ने जन सुराज को सड़क पर रहने का जनादेश दिया है और संगठन इस जिम्मेदारी को पूरी मजबूती से निभाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि 1 जून से जन सुराज पूरे बिहार में सरकार के खिलाफ अभियान शुरू करेगा और जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा।

चुनावी वादों पर बनेगा दबाव

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार को लेकर जो वादे किए थे, उन्हें पूरा कराने के लिए जन सुराज लगातार दबाव बनाएगा। हर मोर्चे पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।

नीट छात्र मामले में दबाव का असर

नीट छात्र मामले पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज और छात्रों के दबाव के कारण ही सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी। इस प्रकरण में दो अधिकारियों के निलंबन को उन्होंने जन दबाव की जीत बताया।

मिलन समारोह में सदस्यता

यह बातें प्रशांत किशोर ने शेखपुरा हाउस में आयोजित मिलन समारोह के दौरान कहीं। इस अवसर पर मैथिल स्टूडेंट यूनियन (MSU) के संस्थापक अध्यक्ष अनूप मैथिल और राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य मोहन ने जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की। दोनों नेताओं को प्रशांत किशोर ने स्वयं पार्टी की सदस्यता दिलाई।