Inderjit Singh Bindra Passed Away: भारत-न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज चल रही है. अब तक तीन मुकाबले हो चुके हैं. भारत ने तीनों मैच जीतकर सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त ले ली है. 25 जनवरी की शाम जब तीसरा मुकाबला गुवाहाटी में खेला जा रहा था, तभी एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को मायूस कर दिया, क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा अब इस दुनिया में नहीं रहे. रविवार रात दिल्ली में उनका निधन हुआ. 84 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. वह एक अनुभवी एडमिनिस्ट्रेटर और भारतीय क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले शख्स थे. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी.
बताया गया है कि इंद्रजीत सिंह बिंद्रा की तबीयत खराब चल रही थी. वह लंबे वक्त से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. रविवार देर रात उन्होंने दिल्ली में मौजूद अपने आवास पर आखिरी सांस ली. उनके निधन के बाद जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. जय शाह ने पोस्ट में लिखा, “आई.एस. बिंद्रा, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक दिग्गज के निधन पर गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति.”
बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान दिया. वह 1993 से 1996 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे. इतना ही नहीं, वह सालों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के हेड भी रहे (1978 से 2014). वह पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े रहे और अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं. मोहाली के पीसीए स्टेडियम का नाम बदलकर उनके नाम पर आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम रखा गया है.
भारत में वर्ल्ड कप आयोजित कराने में अहम भूमिका निभाई थी
ये वही बिंद्रा थे, जिन्होंने 1987 क्रिकेट वर्ल्ड कप के आयोजन में अहम भूमिका अदा की थी. उस विश्व कप को रिलायंस वर्ल्ड कप कहा गया था. यह पहली बार था, जब भारत में विश्व कप का आयोजन हुआ था. इससे पहले 1975, 1979 और 1983 के वर्ल्ड कप इंग्लैंड में खेले गए थे. 2014 में क्रिकेट प्रशासन से संन्यास लेने के बाद बिंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में भी अहम भूमिका निभाई. जब शरद पवार अध्यक्ष थे, तब वह ICC के प्रिंसिपल एडवाइजर रहे.
वर्ल्ड क्रिकेट में भारत की मजबूत स्थिति बनाने में जिन दिग्गजों की भूमिका अहम रही है, उनमें बिंद्रा का नाम भी शामिल है. उन्होंने 1990 के दशक में जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट की वित्तीय संरचना को पूरी तरह बदल दिया.





