मणिपुर के पहाड़ी इलाके से एक परेशान होने वाली खबर सामने आई है. कांगपोकपी जिले के के. सोंगलुंग गांव में सोमवार दोपहर अचानक आग और अफरातफरी का माहौल बन गया. संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव के कई घरों और फार्महाउस को आग के हवाले कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला. धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल हरकत में आए. असम राइफल्स समेत कई सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू में लेने की कोशिश शुरू की.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के इस गांव में हुई है. फिलहाल नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है, क्योंकि कई ढांचों को पूरी तरह जला दिया गया है. सुरक्षा बल इलाके में गश्त बढ़ा रहे हैं ताकि हालात और न बिगड़ें. इस घटना की जिम्मेदारी जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) नाम के उग्रवादी संगठन ने ली है. संगठन ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अवैध पॉपपी (अफीम) की खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उसके “अभियान” का हिस्सा है.
फ्रंट का दावा है कि उसने पहले भी लोगों को चेतावनी दी थी कि अवैध गतिविधियां बंद करें. संगठन के मुताबिक, दोपहर करीब 12:15 बजे उन फार्महाउस और संसाधनों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर पॉपपी की अवैध खेती में हो रहा था.
फ्रंट ने अपने बयान में कहा कि अवैध पॉपपी खेती न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि स्थानीय लोगों की जमीन, सुरक्षा और भविष्य के लिए भी खतरा है. यह संगठन मणिपुर के तमेंगलोंग, नोने और कांगपोकपी के कुछ हिस्सों में सक्रिय माना जाता है और खुद को ज़ेलियांग्रोंग नागा समुदाय के हितों की रक्षा करने वाला समूह बताता है.
लेकिन दूसरी तरफ कांगपोकपी के कुकी संगठनों में भारी गुस्सा है. जिला आधारित कुकी नागरिक संगठन ‘कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी’ (COTU) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. संगठन ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो 27 जनवरी की मध्यरात्रि से 28 जनवरी की मध्यरात्रि तक नेशनल हाईवे-2 (इंफाल–दीमापुर) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कांगपोकपी जिले के बाहरी इलाकों के गांवों को जानबूझकर सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
वहीं इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के कुकी नेता लामतिनथांग हाओकिप ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि फ्रंट के एक गुट NSCN (IM) से जुड़े उग्रवादी इस आगजनी में शामिल थे. उन्होंने कहा कि जब देश राष्ट्रीय पर्व मना रहा था, तब एक आदिवासी गांव राख में बदल गया.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


