Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के सभी 28 नगरीय निकाय में चुनाव होने के बाद अब मेयर को लेकर खींचातानी जारी है। मेयर चुने जाने से पहले पार्टियों में तोड़फोड़ का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच कल्याण डोंबिवली नगरपालिका (Kalyan-Dombivli Municipal Corporation) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के चार नवनिर्वाचित पार्षद (कॉर्पोरेटरों) लापता हो गए हैं। सभी 16 जनवरी चुनाव जीतने के बाद से गायब हैं। उद्धव ठाकरे गुट के चार नगरसेवकों का फोन नंबर नॉट रिचेबल आ रहा है। इसके बाद खलबली मच गई है। सुरक्षा चिंताओं के चलते कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है।

यूबीटी पदाधिकारियों ने शहर भर में गायब पार्षदों के पोस्टर लगा दिए हैं। वहीं जिन लोगों ने ये पोस्टर लगाए हैं गायब नगरसेवकों के परिजनों ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

इधर पुलिस में शिकायत के बाद पोस्टर लगाने वाले एक पदाधिकारी पदाधिकारी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि उपविभाग प्रमुख रमेश तीखे की मौत हार्ट अटैक से हुई है। नगरसेवकों के लापता होने से जुड़े पोस्टर सार्वजनिक स्थानों और दीवारों पर चिपकाए गए थे। पोस्टर चिपकाने वाले उपविभाग प्रमुख रमेश तीखे की मौत की जानकारी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

सियासत चरम पर, की गई अपील

 ठाकरे गुट की ओर से मांग की गई है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स सहित तकनीकी जांच कर तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू करे, ताकि लापता नगरसेवकों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। इस दौरान शरद पाटील ने नॉट-रिचेबल नगरसेवकों से अपील करते हुए कहा कि, अगर आप सुरक्षित हैं तो जहां भी हों, वहां से मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें। इस घटनाक्रम के बाद कल्याण-डोंबिवली की राजनीति में एक बार फिर राजनीति गरमाने की संभावना हैं और पूरे मामले पर सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।

ठाकरे गुट के कुल 11 नगरसेवक निर्वाचित

कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में ठाकरे गुट के कुल 11 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं, जिनमें से चार नगरसेवक फिलहाल संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। इनमें से नगरसेवक मधुर उमेश म्हात्रे और कीर्ति राजन ढोणे बीते 16 जनवरी से नॉट-रिचेबल हैं। इस संबंध में कल्याण पूर्व जिला प्रमुख शरद पाटील के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में नगरसेवकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है और अपहरण, दबाव या फुसलाने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

शिंदे सेना अकेले दम पर बनाना चाहती मेयर

कल्याण डोंबिवली नगर निगम चुनाव में जनता ने महायुति को बहुमत दिया। कल्याण डोंबिवली नगर निगम की 122 सीटों में से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना ने 52 सीटें जीतीं। बीजेपी 51 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। शिव सेना (यूबीटी) को सिर्फ 11 सीटें मिलीं। मनसे के पांच, कांग्रेस के दो और राकांपा (एसपी) के एक कॉरपोरेटर चुने गए। मुंबई बीएमसी में मेयर को लेकर चल रहे बीजेपी से डील के बीच शिंदे सेना ने कल्याण डोंबिवली में मेयर पद पर कब्जा के लिए मनसे से हाथ मिला लिया। इस तरह शिंदे सेना के पास 57 कॉरपोरेटर हो गए, मगर बहुमत के लिए 62 की संख्या जरूरी है। शिंदे सेना को 5 और कॉरपोरेटर की जरूरत है और यूबीटी के चार पार्षद गायब हैं।

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