Rajasthan News: अजमेर जिले के किशनगढ़ स्थित अरांई थाना क्षेत्र में सामने आए दो साइबर ठगी के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। दोनों ही मामलों में ठगी की गई रकम समय रहते होल्ड कराकर बैंक के माध्यम से वापस दिला दी गई।

पहला मामला धौलपुरिया निवासी मंगलराम जांगिड़ का है। उनके मोबाइल में एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड होने के बाद बैंक खाते से 1 लाख 6 हजार 900 रुपये निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही मंगलराम ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया और अरांई थाने में शिकायत दर्ज कराई।

ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर ठगी

दूसरा मामला अरांई निवासी सरदार प्रजापत से जुड़ा है। उन्होंने अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन खिलौना कार मंगवाई थी। भुगतान के बाद ठगों ने पार्सल और अन्य शुल्क के नाम पर बार-बार अतिरिक्त पैसे मांगने शुरू कर दिए। भरोसे में आकर सरदार ने कई बार भुगतान किया। जब ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत 1930 पर संपर्क कर पेमेंट होल्ड करवाई और थाने में लिखित शिकायत दी।

पुलिस ने समय रहते रोकी रकम

थाना प्रभारी रोशनलाल सामरिया के निर्देश पर पुलिस टीम ने दोनों मामलों में तुरंत कार्रवाई की। साइबर पोर्टल के जरिए संबंधित खातों की राशि होल्ड करवाई गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट के आदेश से बैंक के माध्यम से पीड़ितों को उनकी रकम लौटाई गई।

थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलराम के खाते से APK फाइल के जरिए 1 लाख 6 हजार 900 रुपये की ठगी हुई थी, जबकि सरदार से ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर 30 हजार 551 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए थे। समय पर सूचना मिलने से दोनों मामलों में पूरी राशि रिफंड कराई जा सकी।

पीड़ितों ने जताया आभार, पुलिस की अपील

राशि वापस मिलने पर दोनों पीड़ितों ने अरांई थाना पुलिस और प्रशासन का आभार जताया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें, ऑनलाइन खरीदारी में लालच से बचें और साइबर ठगी की आशंका होते ही तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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