अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. जिले में स्वास्थ्य विभाग की हाईटेक व्यवस्थाओं के दावों की पोल एक बार फिर खुलती नजर आई है. झुलसी महिला के इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
21 जनवरी को झुलसी अवस्था में रागिनी तिवारी को जिला अस्पताल चंदौली में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉ. शिवेंद्र सिंह ने मरीज की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया.
परिजनों के मुातबिक पहले मरीज में ब्लड की कमी बताई गई, पर व्यवस्था करने के बावजूद मात्र पांच मिनट ही ब्लड चढ़ाया गया, बाद में ब्लड खराब होने का हवाला देकर प्रक्रिया रोक दी गई. इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही और इलाज जूनियर डॉक्टरों के भरोसे चलता रहा. इलाज में लापरवाही को लेकर परिजनों ने जिलाधिकारी के व्हाट्सएप नंबर पर लिखित शिकायत भी की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
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परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनकी फरियाद अनसुनी रही और अंततः इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. महिला की मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. मृतका के पति शिवानंद तिवारी और अन्य परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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