हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर के द्वारकापुरी थाने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें थाना परिसर के अंदर दो पक्षों के बीच तीखा विवाद नजर आ रहा है। वीडियो में लोग एक-दूसरे से उलझते, धक्का-मुक्की करते और अपशब्दों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब थाने के अंदर हो रहा है। वही जगह जहां कानून व्यवस्था का सबसे सख्त पालन होना चाहिए।

इस पूरे मामले में जब थाना प्रभारी मनीष मिश्रा से फोन पर बात की गई तो उन्होंने वीडियो में मारपीट होने से ही इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वीडियो में कहीं स्पष्ट रूप से मारपीट होती हुई दिखाई नहीं दे रही। टीआई के मुताबिक, दोनों पक्ष पहले से आपसी विवाद करके थाने पहुंचे थे। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि सामने वाले लोग पास बैठकर नशा करते हैं, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि वे केवल रास्ते से गुजर रहे थे और इसी दौरान विवाद हुआ।

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थाना प्रभारी ने पूछे सबूत

थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उनका यह बयान ही अब सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जो माहौल दिखाई दे रहा है, वह सामान्य बहस से कहीं ज्यादा गंभीर लगता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि थाना प्रभारी ने ही मीडिया से वीडियो में मारपीट के “सबूत” पूछे।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब विवाद थाना परिसर के अंदर हुआ, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने क्या देखा, क्या दर्ज किया और तुरंत क्या कार्रवाई की ? थाने के अंदर हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और क्या केवल दोनों पक्षों पर केस दर्ज कर मामला खत्म कर दिया जाएगा, या फिर थाने की व्यवस्था पर भी जवाबदेही तय होगी।

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