Border 2: कौन हैं परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों, जानिए कैसे आसमान में किया था तांडव
Border 2: कौन हैं परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों, जानिए कैसे आसमान में किया था तांडव
बॉर्डर 2 में दिलजीत दोसांझ ने भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभाया है.
बॉर्डर 2 में दिलजीत दोसांझ ने भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभाया है.
आइए जानते हैं निर्मलजीत सिंह सेखों की वीर कहानी.
आइए जानते हैं निर्मलजीत सिंह सेखों की वीर कहानी.
निर्मलजीत सिंह सेखों का जन्म 17 जुलाई 1945 को पंजाब के लुधियाना के पास रुरका गांव में हुआ था.
निर्मलजीत सिंह सेखों का जन्म 17 जुलाई 1945 को पंजाब के लुधियाना के पास रुरका गांव में हुआ था.
बचपन से ही उनमें अनुशासन और देशभक्ति की गहरी भावना थी. उन्हें 4 जून 1967 को भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला और उन्होंने फाइटर पायलट के रूप में प्रशिक्षण लिया.
बचपन से ही उनमें अनुशासन और देशभक्ति की गहरी भावना थी. उन्हें 4 जून 1967 को भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला और उन्होंने फाइटर पायलट के रूप में प्रशिक्षण लिया.
1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने कई F-86 सेबर फाइटर जेट्स के साथ श्रीनगर एयर बेस पर अचानक हवाई हमला कर दिया.
1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने कई F-86 सेबर फाइटर जेट्स के साथ श्रीनगर एयर बेस पर अचानक हवाई हमला कर दिया.
श्रीनगर के ऊपर आसमान में निर्मलजीत ने अकेले ही छह पाकिस्तानी सेबर जेट्स का सामना किया.
श्रीनगर के ऊपर आसमान में निर्मलजीत ने अकेले ही छह पाकिस्तानी सेबर जेट्स का सामना किया.
उन्होंने अपने फ्लाइंग कौशल और निडरता का प्रदर्शन करते हुए एक दुश्मन विमान को मार गिराया और दूसरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया.
उन्होंने अपने फ्लाइंग कौशल और निडरता का प्रदर्शन करते हुए एक दुश्मन विमान को मार गिराया और दूसरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया.
अपने साहस, सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य निष्ठा के लिए फ्लाइंग ऑफीसर निर्मलजीत सिंह सेखों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
अपने साहस, सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य निष्ठा के लिए फ्लाइंग ऑफीसर निर्मलजीत सिंह सेखों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.
वह भारतीय वायु सेना के पहले और एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें यह सम्मान मिला है.
वह भारतीय वायु सेना के पहले और एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें यह सम्मान मिला है.
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