कुंदन कुमार, पटना। शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे सैकड़ों लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है, जिसके बाद नौकरी से निकाले गए कर्मचारी बीजेपी कार्यालय का घेराव कर धरने पर बैठ गए हैं। आपको बता दें की शिक्षा विभाग ने एमडीएम योजना को चलाने के लिए आउटसोर्सिंग पर सैकड़ों कर्मचारियों को रखा था।

कर्मचारियों का कहना है कि 5 साल का उनके साथ करार था, लेकिन बीच में ही शिक्षा विभाग ने उन्हें हटा दिया है और इसीलिए हम लोग आज बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है। फिर से नौकरी पर हम लोगों को नहीं बुलाती है, तब तक ऐसे ही हम लोग धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।

उनका कहना है कि शिक्षा विभाग ने आउटसोर्सिंग से बहाल सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी मार्च 2025 में खत्म करने का आदेश जारी किया था। चुनाव के समय में हमें मंत्री महोदय ने आश्वाशन दिया था कि उनको फिर से बहाल किया जाएगा, लेकिन नई सरकार बनने के बाद हमारी बात नहीं सुनी जा रही है और आज यही कारण है कि हम लोगों को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

बीजेपी कार्यालय का घेराव कर रहे कर्मचारी लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। ऐसे में अब देखना यह है कि उनके प्रदर्शन के बाद सरकार इनके नौकरी को लेकर क्या कुछ फैसला लेती है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल नौकरी से निकाले गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि यह सरकार 5 साल में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी या रोजगार देने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ हमें नौकरी से निकाला जा रहा है, जो की पूरी तरह से गलत है।

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