Magh Purnima 2026: कब है माघ पूर्णिमा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Magh Purnima 2026: कब है माघ पूर्णिमा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
माघ मास में आने वाली पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है.
माघ मास में आने वाली पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है.
इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है.
इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है.
माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त– ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.24 मिनट से लेकर सुबह 6.17 मिनट तक– अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.13 मिनट से लेकर 12.57 मिनट तक– गोधूलि मुहूर्त शाम 5.58 मिनट से लेकर शाम 6.24 बजे तक– विजय मुहूर्त दोपहर 2.23 मिनट से लेकर दोपहर 3.07 मिनट तक
माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त– ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.24 मिनट से लेकर सुबह 6.17 मिनट तक– अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.13 मिनट से लेकर 12.57 मिनट तक– गोधूलि मुहूर्त शाम 5.58 मिनट से लेकर शाम 6.24 बजे तक– विजय मुहूर्त दोपहर 2.23 मिनट से लेकर दोपहर 3.07 मिनट तक
माघ पूर्णिमा पूजा सामग्री घीपंचामृत रोलीअक्षत (चावल)सिंदूरचिरागचंदन का पेस्टसूती बातीमिठाइयांगंगाजलकमल और पीले रंग के फूलों की मालालाल कपड़ा भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्तियां
माघ पूर्णिमा पूजा सामग्री घीपंचामृत रोलीअक्षत (चावल)सिंदूरचिरागचंदन का पेस्टसूती बातीमिठाइयांगंगाजलकमल और पीले रंग के फूलों की मालालाल कपड़ा भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्तियां
माघ पूर्णिमा 2026 के मौके पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें.इसके बाद भगवान सत्यानारायण की कथा पढ़ने के साथ विधिवत रूप से पूजा पाठ करें.
माघ पूर्णिमा 2026 के मौके पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें.इसके बाद भगवान सत्यानारायण की कथा पढ़ने के साथ विधिवत रूप से पूजा पाठ करें.
शुद्ध घी का दीपक जलाने के बाद फल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और शहद का मिश्रण) और तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करें.
शुद्ध घी का दीपक जलाने के बाद फल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और शहद का मिश्रण) और तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करें.
इसके अतिरिक्त माघ पूर्णिमा के मौके पर तिल, गुड़, वस्त्र और अनाज जैसी वस्तुओं का दान करें. इससे आर्थिक लाभ प्राप्त होने के साथ सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है.
इसके अतिरिक्त माघ पूर्णिमा के मौके पर तिल, गुड़, वस्त्र और अनाज जैसी वस्तुओं का दान करें. इससे आर्थिक लाभ प्राप्त होने के साथ सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है.
कौन थीं कैप्टन शांभवी पाठक? जिनके हाथों में थी अजित पवार के विमान की कमान