Rajasthan News: पेपर लीक मामले में जेल में बंद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से जुड़ी कथित 1.20 करोड़ रुपये की डील ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए बाबूलाल कटारा और दूसरे पक्ष का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है।

बाबूलाल कटारा अप्रैल 2023 से जेल में बंद हैं और उन पर कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि RPSC सदस्य बनने के दौरान 1.20 करोड़ रुपये की डील हुई थी। इस खुलासे के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
हरीश चौधरी ने कहा कि लाई डिटेक्टर टेस्ट से साफ हो जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत। उन्होंने कहा कि इससे यह भी सामने आएगा कि किसने किसानों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। गौरतलब है कि बाबूलाल कटारा पर शिक्षक भर्ती, SI भर्ती सहित कई परीक्षाओं के पेपर लीक के आरोप हैं, जिनकी जांच एसओजी कर रही है।
मंगलवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर पेपर लीक, OMR शीट घोटाले और नॉर्मलाइजेशन के विरोध में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हरीश चौधरी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में नियुक्त RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा की एसओजी द्वारा गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का जिक्र किया।
एसओजी की जांच के दौरान बाबूलाल कटारा ने स्वीकार किया है कि उन्हें 1.20 करोड़ रुपये में RPSC सदस्य बनाया गया था। जांच में डील कराने वाले व्यक्ति का नाम भी दर्ज किया गया है।
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