पटना। NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और ऑल प्रोग्रेसिव वूमेन एसोसिएशन (APWA) ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठनों ने 13 फरवरी को बिहार विधानसभा घेराव की घोषणा की है। वहीं, 4 फरवरी से ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ की शुरुआत जहानाबाद से की जाएगी।
कई जिलों से गुजरेगी न्याय यात्रा
AISA और APWA ने बताया कि यह यात्रा उन जिलों से होकर गुजरेगी, जहां महिलाओं और छात्राओं के साथ NEET छात्रा जैसी घटनाएं सामने आई हैं। संगठनों का कहना है कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती यौन हिंसा पर सरकार और पुलिस की चुप्पी चिंताजनक है।
पुलिस पर गंभीर सवाल
APWA की जनरल सेक्रेटरी मीना तिवारी ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 6 तारीख को हुई घटना बेहद निंदनीय है, लेकिन पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बजाय जल्दबाजी में इसे बलात्कार का मामला नहीं बताना शुरू कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही निष्कर्ष निकालना गलत है।
साक्ष्य नष्ट करने का आरोप
मीना तिवारी ने आरोप लगाया कि करीब 20 दिनों तक साक्ष्य नष्ट करने का मौका दिया गया। अब देर से हॉस्टल की जांच, CID को जिम्मेदारी और पुलिस अधिकारी का निलंबन यह दिखाता है कि पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
CBI जांच की मांग
संगठनों ने साफ कहा कि पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। पीड़ित परिवार की मांग के समर्थन में AISA और APWA ने मामले की CBI जांच की मांग की है। साथ ही पटना हाई कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की गई है।
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