CG Bomb Threat : आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. पाकिस्तान… ISI… सुसाइड बम… और जहर गैस… ये भाषा बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के न्यायालय के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे मेल की है. इस ई-मेल में खुलेआम पाकिस्तान और ISI का नाम लेते हुए कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया.

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यह धमकी सुबह करीब 4:30 बजे न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई. सुबह 10 बजे कोर्ट खुलने के बाद इसकी जानकारी अधिकारियों को मिली, तो तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया. मौके पर पहुंचे बम और डॉग स्क्वाड के जरिए पूरे परिसर की जांच की गई. हालांकि कोई बम बरामद नहीं हुआ और अब स्थिति सामान्य बनी हुई है.

मेल की धमकी

धमकी भरे मेल में लिखा गया है कि जगदलपुर कोर्ट परिसर में 2 सुसाइड बम धमाके किए जाएंगे. इसके साथ ही तीन ज़हर गैस बम भी लगाए जाने का दावा किया गया है. मेल में यह भी कहा गया है कि दोपहर 1:45 बजे तक जजों को कोर्ट से बाहर निकाल लिया जाए, नहीं तो बड़ा नुकसान होगा.

पाकिस्तान–ISI से जुड़ा मेल

मेल भेजने वाले ने खुद को DMK और पाकिस्तानी ISI से जुड़ा बताया है. धमकी में लिखा गया है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही नर्व गैस का ज़िक्र करते हुए उसे भोपाल गैस कांड से जोड़कर डर पैदा करने की कोशिश की गई है.

ई-मेल और नारे

यह धमकी [email protected] (mailto:[email protected]) नाम की ई-मेल आईडी से भेजी गई है. मेल के अंत में साफ तौर पर लिखा गया है “पाकिस्तान-करुणानिधि की साजिश जिंदाबाद”. यानी धमकी के साथ-साथ देशविरोधी सोच को भी खुलकर जाहिर किया गया.

ग्राउंड एक्शन – बस्तर

धमकी मिलते ही बस्तर एसपी अपनी पूरी टीम के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे. एहतियातन पूरा न्यायालय परिसर खाली कराया गया. इसके बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड द्वारा हर हिस्से की गहन जांच शुरू की गई. न्यायालय परिसर में खड़ी सभी गाड़ियों की जांच की गई. कोर्ट के हर कक्ष, चेंबर और आसपास के इलाकों को खंगाला गया. सुरक्षा कारणों से काफी देर तक कोर्ट का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा.

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बस्तर में दहशत फैलाने की साजिश है? या फिर पाकिस्तान और ISI का नाम लेकर जानबूझकर डर का माहौल बनाने की कोशिश? फिलहाल शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. और बस्तर में न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है.