कुंदन कुमार, पटना। यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में हंगामा जारी है। जनरल कैटेगरी के छात्र और लोगों में यूजीसी के इस नए कानून को लेकर काफी आक्रोश में हैं, उनके द्वारा लगातार यूजीसी का विरोध किया जा रहा है। बिहार के भी अलग-अलग हिस्सों में यूजीसी के खिलाफ विरोध देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में आज बुधवार (28 जनवरी) को राजधानी पटना की सड़कों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उतरें और यूजीसी कानून के खिलाफ अपना विरोध जताया।
पीएम मोदी और शाह के पोस्टर पर पोती कालिख
पटना के दिनकर गोलंबर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले सैकड़ो छात्र-छात्राएं सड़कों को उतरकर केंद्र में बैठी सरकार का जमकर का विरोध किया। इस मौके पर आक्रोशित छात्रों ने सड़कों पर आगजनी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फोटो पर कालिख पोता। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने टायर जलाकर सरकार से काला कानून वापस लेने की मांग की।
छात्र-छात्राओं ने कहा कि, सरकार उच्च वर्ग और एससी-एसटी के बीच में भेदभाव कर रही है। सरकार के द्वारा छात्र-छात्राओं में मतभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। छात्राओं का कहना है कि किसी भी तरह की कार्रवाई जाति के आधार पर नहीं होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा राजनीतिक फायदा उठाने के लिए एक खास वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। उनका कहना यह भी है कि, भाजपा को लंबे समय से सवर्ण समाज का समर्थन मिलता रहा है, लेकिन अब उसी समाज को हाशिये पर डालने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी दी की सरकार जब तक उनकी मांगों को मानते हुए इस काले कानून को वापस नहीं लेती है, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा और व्यापक भी होगा।
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