कुंदन कुमार/पटना। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) ने दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। अब तक 1352 दिव्यांग बच्चों को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से आपदाओं से सुरक्षा और बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम

राज्य के सभी सरकारी, निजी और मदरसा विद्यालयों में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को आपदाओं के जोखिम और उनसे बचाव के उपायों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में 4363 शिक्षकों को सुरक्षा कार्यक्रम और दो दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 1005 मदरसा फोकल शिक्षिकाओं को भी प्रशिक्षण दिया गया।

डूबने से मौतों की रोकथाम

6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। एसडीआरएफ के सहयोग से जन-जागरूकता सप्ताह और मॉकड्रिल कार्यक्रम में 2400 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 96 मास्टर ट्रेनर्स (पुरुष/महिला) को प्रशिक्षित किया गया।

ग्रामीण और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण

5 जिलों के 483 ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण, 2241 आंगनवाड़ी सेविकाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण और 482 स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल आकस्मिक प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

शहरी बस्तियों में जागरूकता

अति संवेदनशील शहरी बस्तियों/झुग्गी-झोपड़ियों में लगभग 5000 लोगों को आग और अन्य आपदाओं के जोखिम से अवगत कराया गया।

युवाओं और जीविका दीदियों का प्रशिक्षण

सुरक्षित तैराकी के तहत 16,374 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। जीविका दीदियों के लिए चार प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए, जो प्राकृतिक, मानवजनित, स्वास्थ्य और सामाजिक आपदाओं पर आधारित हैं।