दिल्ली की प्रदूषित हवा में धूल के बढ़ते स्तर को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक नई और अहम पहल शुरू की है। इसके तहत राजधानी की चार प्रमुख सड़कों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि सड़कों से उठने वाली धूल को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके। PWD की इस योजना में सड़कों को दीवार से दीवार तक पूरी तरह पक्का किया जाएगा। गड्ढों की मरम्मत, सड़क किनारों और सेंट्रल वर्ज का कंक्रीटीकरण, साथ ही लैंडस्केपिंग और हरियाली विकसित करना इस प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा होगा। इसका मकसद सड़कों को पूरी तरह धूल-मुक्त बनाना है।

अधिकारियों के मुताबिक यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसके लिए चार सड़कों की पहचान की प्रक्रिया अभी चल रही है। इन सड़कों पर काम पूरा होने के बाद इसके असर का आकलन किया जाएगा और अगर परिणाम सकारात्मक रहे तो इस मॉडल को दिल्ली की अन्य सड़कों पर भी लागू किया जा सकता है।

प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य सड़कों पर भी बढ़ाया जाएगा

अधिकारियों के मुताबिक यह पायलट प्रोजेक्ट इस साल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए PWD के 160 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क के पुनर्विकास की बड़ी योजना का हिस्सा है। इन मॉडल सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत से लेकर दीवार से दीवार तक पक्की सड़क, सड़क किनारों और सेंट्रल वर्ज का कंक्रीटीकरण, साथ ही लैंडस्केपिंग और हरियाली विकसित की जाएगी। PWD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल साबित होता है, तो इसे शहर की अन्य सड़कों पर भी लागू किया जाएगा। फिलहाल मॉडल रोड के लिए चार सड़कों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। सड़कों के तय होते ही धूल प्रदूषण को कम करने के लिए अन्य सहायक उपाय भी लागू किए जाएंगे।

2 अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा विभाग

सड़कों से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए PWD दो और अहम प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है.

पहला प्रोजेक्ट: मशीनीकृत सफाई के तहत 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन (MRSM) और पानी के टैंकर सड़कों पर लगाए जाएंगे, ताकि नियमित रूप से धूल और गंदगी हटाई जा सके।

दूसरा प्रोजेक्ट: धूल को दबाने के लिए 250 पानी के स्प्रिंकलर मशीनें लगाई जाएंगी, जो सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करेंगी। साल के अंत तक 160 किमी सड़कों को किया जाएगा पक्का

अधिकारियों के मुताबिक यह पायलट प्रोजेक्ट PWD के 160 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क को फिर से विकसित करने की बड़ी योजना का हिस्सा है। सरकार ने इस साल के अंत तक 160 किलोमीटर सड़कों को पूरी तरह पक्का करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने के लिए 85.70 किलोमीटर सड़कों की पहचान भी की गई है।

इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण और सड़कों से उठने वाली धूल को कम करने के उपायों पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में बताया गया था कि दिल्ली में करीब 3,300 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण या अपग्रेडेशन की जरूरत है। इनमें PWD के अधीन लगभग 800 किलोमीटर, नगर निगम (MCD) के तहत 1,200 किलोमीटर और अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 1,000 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि सड़कों को बार-बार खोदने की समस्या से निजात पाने के लिए अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट्स बनाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि इसके लिए टेंडर जल्द जारी किए जाएंगे और लक्ष्य एक साल के भीतर सभी काम पूरे करने का रखा गया है।

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