राजकीय शोक में किन चीजों पर होता है प्रतिबंध..

राजकीय शोक का मतलब है सरकार के जरिए किसी प्रमुख व्यक्ति के निधन पर आधिकारिक रूप से शोक प्रकट करना

यह शोक पूरे देश या किसी एक राज्य तक सीमित हो सकता है.

आमतौर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाता है.

वहीं मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री या राज्य की किसी बड़ी और सम्मानित हस्ती के निधन पर राज्य स्तर पर राजकीय शोक घोषित किया जाता है.

राजकीय शोक की अवधि सरकार तय करती है. इस दौरान कुछ खास नियम लागू होते हैं.

जैसे सरकारी भवनों, सचिवालय, विधानसभा और प्रमुख कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहता है.

कोई भी सरकारी समारोह, उत्सव या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाते. सरकारी स्तर पर मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम रद्द कर दिए जाते हैं.

सिर्फ जरूरी और आवश्यक सरकारी काम ही किए जाते हैं.