वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के रहुई नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या तीन स्थित मंदिलपुर गांव में आस्था, श्रद्धा और विश्वास का चार दिवसीय महापर्व आज भव्य रूप से प्रारंभ हो गया। बाबा बख्तौर की पूजा-अर्चना को लेकर आयोजित इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 351 कलशों की विशाल कलश यात्रा के साथ हुई।
कन्याओं ने संभाली कलश यात्रा की कमान
कलश यात्रा का नेतृत्व घाजियाबाद से आईं एवीएन कुमारी कन्याओं ने पारंपरिक वेश-भूषा में किया। यात्रा मंदिलपुर गांव से प्रारंभ होकर SH-78 मुख्य मार्ग होते हुए कादिबीघा काली मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंडितों द्वारा विधिवत जल भराई संपन्न कराई गई।
जयकारों से गूंज उठा पूरा इलाका
जल भराई के बाद श्रद्धालु वाहनों और पैदल मार्च करते हुए दिग्गीह रास्ते और रहुई बाजार होते हुए पुणे मंदिरपुर गांव के समीप स्थित बाबा बख्तौर मंदिर पहुंचे। यहां विधिवत रूप से कलशों की स्थापना की गई। पूरे मार्ग में “बाबा बख्तौर की जय” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
2001 में हुई थी बाबा बख्तौर की स्थापना
कार्यक्रम को लेकर मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अलबेला राय सहित अन्य आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2001 में मंदिलपुर गांव में बाबा बख्तौर की स्थापना की गई थी। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के चलते अब मंदिर का भव्य विस्तार कर नवनिर्मित मंदिर का निर्माण कराया गया है। इसी उपलक्ष्य में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह चार दिवसीय धार्मिक आयोजन आयोजित किया गया है।
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