कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण (OBC reservation) पर एक बार फिर सरकार का उदासीन रवैया सामने आया है। इसी कड़ी में ओबीसी आरक्षण की सुनवाई फिर टल गई है। सरकार की ओर से किसी के भी कोर्ट में हाजिर नहीं होने के चलते सुनवाई टल गई। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोई भी वकील कोर्ट में खड़ा नहीं हुआ। सरकार के इस रवैए पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है।

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बुधवार तक के लिए सुनवाई टल गई

दरअसल मध्य प्रदेश सरकार ने सॉलिसिटर जनरल के साथ 4 सीनियर एडवोकेट को हायर किया हुआ है। अब अगले हफ्ते बुधवार तक के लिए सुनवाई टल गई। आज 6वें नंबर पर ओबीसी आरक्षण का केस लिस्टेड था। पिछले हफ्ते भी नंबर न आने के चलते सुनवाई नहीं हो पाई थी। पिछली बार भी प्रदेश सरकार की ओर से सुनवाई के लिए कोई पहल नहीं की गई थी।

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हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में याचिका ट्रांसफर

ओबीसी आरक्षण के समस्त प्रकरण की अंतिम सुनवाई के लिए लिस्टेड है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कई बार बहस के लिए समय लिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में याचिका ट्रांसफर कार्रवाई है। सुप्रीम कोर्ट हाल ही में कह चुकी है, राज्य के कानून की संवैधानिकता का अनुच्छेद 226 के तहत परीक्षण करने का सर्वप्रथम हाईकोर्ट को अधिकार है।

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