Indian economic zone Bangladesh: दिल्ली में शेख हसीना (Sheikh Hasina) के सार्वजनिक भाषण से आगबबूला हुआ बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ एक और बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश ने चट्टोग्राम के मिरसराय में इंडियन इकोनॉमिक जोन प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। यह फैसला बांग्लादेश इकोनॉमिक जोन अथॉरिटी (BEZA) बोर्ड की हाई-लेवल बैठक के बाद लिया गया, जिसकी अध्यक्षता चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने की और इसमें बांग्लादेश इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIDA) से भी इनपुट लिया गया।
सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए अलॉट की गई जमीन का इस्तेमाल अब लोकल मिलिट्री प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल जोन बनाने में करेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में मीडिया को दिए गए वर्चुअल संबोधन के बाद लिया गया है। इस फैसले से भारत-बांग्लादेश संबंधों में और खटास आ सकती है।
क्या है बांग्लादेश में इंडियन इकोनॉमिक जोन?
इंडियन इकोनॉमिक जोन को भारत और बांग्लादेश के बीच आर्थिक सहयोग के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा था। 2015 में एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत साइन किए गए इस प्रोजेक्ट में बांग्लादेश के नेशनल स्पेशल इकोनॉमिक जोन फ्रेमवर्क के तहत मीरशराई में सैकड़ों एकड़ और बागेरहाट के मांगला में एक और साइट को डेवलप करने की योजना थी। भारत ने भी इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए रियायती दरों पर क्रेडिट लाइन दी थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और आर्थिक इंटीग्रेशन को मजबूत करना था। हालांकि, यूनुस सरकार ने दावा किया है कि इंटरनेशनल टेंडर को मंजूरी देने और काम में तेजी लाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद, कोई खास डेवलपमेंट नहीं हुआ।
प्रोजेक्ट रद्द होने से बांग्लादेश के लोग ही निराश
बता दें कि इंडियन इकोनॉमिक जोन को दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग और आर्थिक साझेदारी के लिए एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट माना गया था और उम्मीद थी कि इससे बांग्लादेश में काफी रोजगार पैदा होगा। अब जब यह प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया है, तो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीदें कम हो गई हैं, जिससे बांग्लादेश में बहुत से लोग निराश हैं।
इकोनॉमिक जोन किसे कहते हैं?
इकोनॉमिक जोन किसी देश की भौगोलिक सीमा के अंदर आने वाला एक ऐसा क्षेत्र है, जहां लगाए जाने वाले कारखाने या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए टैक्स पर कई तरह की छूट मिलती हैं। इनमें इनकम टैक्स से लेकर एक्साइज ड्यूटी और कस्टम ड्यूटी शामिल है। इसका मकसद विदेशी निवेश को आकर्षित करना, रोजगार बढ़ाना, द्विपक्षीय कारोबार से अपने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। इकोनॉमिक जोन में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काफी जोर दिया जाता है ताकि यहां प्लांट या फैक्ट्री लगाने वाली विदेशी कंपनियों को कोई परेशानी न हो।
यह भी पढ़ेंः- ‘एक मूर्ख की वजह से देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता…,’ किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर करारा वार, बोले- अब हर बिल पास कराएगी सरकार
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


