दुर्ग। निगम द्वारा बकाया कर वसूली को लेकर लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश एवं राजस्व अधिकारी आरके बोरकर के मार्गदर्शन में राजस्व उप निरीक्षक संजय मिश्रा, राजस्व उप निरीक्षक रामखिलावन शर्मा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने वार्ड 27 एवं 28 में कार्रवाई करते हुए बकायादारों के नल कलेक्शन काट दिए गए.

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कार्रवाई के दौरान वॉर्ड नंबर 28 में सोहन सिंह / तुलसा सिंह द्वारा लंबे समय से 1,34,807 रुपये का टैक्स जमा नहीं किए जाने पर उनके परिसर के दो नल कनेक्शन विच्छेदित किए गए. इसी वार्ड में पुष्पा ‘देवी/ प्रताप सूर्यवंशी के यहां भी 53,349 रुपये बकाया टैक्स नहीं चुकाने पर एक नल कनेक्शन काटा गया.

कार्रवाई के दबाव में वार्ड 28 के ही कृपाल सिंह ने मौके पर 14,872 रुपये टैक्स राशि जमा की. वहीं वार्ड 27 में सरस्वती त्रिपाठी ने नल कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई से बचने के लिए 23,497 रुपये का भुगतान किया. इसी वॉर्ड में संजय ताम्रकार ने भी 15,673 रुपये टैक्स राशि निगम में जमा की.

सड़क में अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर निगम ने की कार्रवाई

भिलाई तीन। नगर पालिका निगम भिलाई- चरोदा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 19 पदुमनगर में आज सड़क में अतिक्रमण और अवैध कब्जों को लेकर निगम अधिकारियों ने कार्रवाई की है. निगम आयुक्त डी. एस. राजपूत को वार्ड वासियों द्वारा 80 फीट की सड़क पर अवैध कब्जा कर सड़क की चौड़ाई सकरा करने की शिकायत की गई थी.

आयुक्त ने दलबल सहित पदुम नगर पहुंचकर मौका मुआयना किया. सड़क किनारे निर्मित दुकान की नाप-जोख की गई. मीना आर्य और जवाहर प्रसाद की शिकायत पर दुकान संचालक संतोष गिरी गोस्वामी के द्वारा किए गए 250 फीट अतिरिक्त निर्माण को तोड़ने के निर्देश दिए गए. सड़क में बिल्डिंग मटेरियल को रखे जाने को लेकर आयुक्त और जमीन दलाल बीच बहस भी हो गई. आयुक्त ने सीधे चलानी कार्रवाई के निर्देश दिए.

वहीं सरकारी हैंडपंप पर कब्जा कर दुकान निर्मित करने के मामले में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. इस हैंड पंप से कई घरों में पेयजल की आपूर्ति होती थी. इसी तरह सड़क किनारे टीन शेड का निर्माण करने वाले अनिल परगनिहा को तत्काल दुकान से शेड हटाने तथा सतीश साकरे को अवैध निर्माण हटाने कहा गया.

निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता मेहर मरकाम, आरआई, अरुणिमा दुबे, सरोजिनी यदु, सुपरवाइजर वासु पांडे, सहायक जल प्रभारी राजेश आचार्य और स्थानीय पार्षद मनीष वर्मा उपस्थित थे.

चंद्रनगर मे पेट्रोल पम्प खोलने पर दिया स्थगन

भिलाईनगर। चंद्रनगर मे पेट्रोल पंप के मामले में भारी विरोध पर तहसीलदार ने स्थगन आदेश जारी किया है एवं अगली पेशी 9 फरवरी को जारी की गई है.

विदित हो कि चंद्र नगर कोहका में अग्रसेन आईटीआई के सामने कॉलोनी वासियों को गुमराह कर चारों तरफ मिट्टी के बड़े-बड़े टीले बनाकर कॉलोनीवासियों को कहा गया था कि यहां काम्पलेक्स बनाया जा रहा है. मगर जब 20 फीट की सड़क को कब्जा कर सकरी कर दिया गया एवं कॉलोनी के लोग गिरने लगे घायल होने लगे आपत्ति करने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया. तब कॉलोनी के लोगों ने देखा कि यहां पर कॉलोनीवासियों को गुमराह कर पेट्रोल पंप का निर्माण भी किया जा रहा है.

सरकार के नियम के अनुसार 30 मीटर परिधि में कोई भी स्कूल कॉलेज नहीं होने चाहिए आवासीय नहीं होना चाहिए. किॉलोनी की सैकड़ों महिलाओं ने सांसद विजय बघेल, विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन, कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम आयुक्त को अवगत कराया. पार्षद अभिषेक मिश्रा ने भी कॉलोनी वासियों की बैठक में इसे किसी भी हाल में ना खोलने देने का आश्वासन दिया.

चंद्र नगर विकास समिति के शारदा गुप्ता ने कहा पेट्रोल पंप के लिए पर्याप्त मात्रा में यहां जगह उपलब्ध नहीं है रोड चौड़ाई होने पर पेट्रोल पंप संचालक में बहुत दिक्कत होगी. किस आधार पर पेट्रोल पंप का परमिशन जारी किया गया है. यह जांच का विषय है. इस पर हाईकोर्ट में भी याचिका लगा दी गई है.

बैठक मे प्रमुख रूप से चंद्रनगर विकास समिति के संयोजक शारदा गुप्ता, सुगंधी सोनी, संतोष सोनी, निर्मल भारती, रेखा ब्रम्हे, बसंत शुक्ला, बसंत भारती, बीजे आनंद, दिनेश विश्वकर्मा, राजकुमार ब्रम्हे, प्रशांत पासवान, सत्यप्रकाश आयर्य, संजय भारती, राणे सुनीता राणे, प्रमिला बोरकर, मीना सिंह, गीता चौधरी, नीलम भारती, पुष्पा देवांगन, शिवकुमारी प्रजापति उपस्थित थे.

तालाब में भवन बनाने की तैयारी से लोगों में आक्रोश

धमधा। न्यायालय के आदेश, पर्यावरण कानून और स्वयं कलेक्टर के पूर्व निर्णय को नजरअंदाज कर तालाब में सामुदायिक भवन निर्माण की तैयारी से नगर में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है. वार्ड-2 में आंगनवाड़ी भवन के पीछे स्थित तालाब क्षेत्र को पाटकर निर्माण की योजना के खिलाफ शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया है.

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रस्तावित स्थल राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से “तालाब” के रूप में दर्ज है. इसके बावजूद वहां निर्माण की कोशिश करना सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत की खुली अवहेलना है. इस सिद्धांत के अनुसार तालाब, झील और अन्य जलस्रोत जनता की अमानत हैं. यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार से सीधे जुड़ा है.

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वेटलैंड्स ( संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत तालाब या संरक्षित जलाशय के भीतर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है. इसके बावजूद तालाब क्षेत्र में निर्माण की जिद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

स्थानीय नागरिकों अनुसार संबंधित तालाब लगभग 15 फीट गहरा है और वर्तमान में नगर का कचरा यहीं डाला जा रहा है. इससे यह क्षेत्र दलदली और अत्यंत अस्थिर हो चुका है. ऐसे स्थान पर करीब 25 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण को न केवल जानलेवा खतरा बल्कि सरकारी धन की खुली बर्बादी बताया जा रहा है. शिकायतकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में स्वयं कलेक्टर द्वारा इसी स्थल पर सामुदायिक भवन निर्माण है.

प्रस्ताव को निरस्त किया जा चुका इसके अलावा वर्ष 2015 में 15 लाख रुपये की स्वीकृति के बावजूद तालाब स्थल होने के कारण निविदा प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी थी. फिर भी उसी स्थान को दोबारा चयनित करना समझ से परे बताया जा रहा है. नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तालाब को बचाते हुए सामुदायिक भवन का स्थान तत्काल नहीं बदला गया, तो यह विरोध नगरव्यापी जन आंदोलन का रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

पंचायत में राशन वितरण ठप होने से सैकड़ों हितग्राही परेशान

जामगांव आर। ग्राम पंचायत अकतई स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण नहीं होने के कारण हितग्राहियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार, लगभग 70 क्विंटल चावल का वितरण अब तक नहीं हो सका है, जबकि यह चावल अकतई, चारभाटा एवं रीवागहन गांवों के राशन कार्डधारी हितग्राहियों को वितरित किया जाना है. बताया जा रहा है कि तीनों गांवों के सैकड़ों हितग्राही पिछले पखवाड़े भर से रोजाना राशन दुकान के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि राशन की अनुपलब्धता से गरीब एवं मजदूर वर्ग के परिवारों के सामने भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. सूत्रों के मुताबिक संबंधित राशन शासकीय गोदाम से जारी हो चुका है, लेकिन किन कारणों से अब तक उचित मूल्य दुकान तक नहीं पहुंच पाया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है. इससे ग्रामीणों में भ्रम के साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम सरपंच माधुरी निषाद ने एसडीएम कार्यालय एवं खाद्य विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया है. इसके बावजूद न तो राशन वितरण शुरू हो पाया है और न ही कोई ठोस समाधान सामने आया है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र राशन वितरण की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी. उल्लेखनीय है कि उक्त शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन नव साक्षर समूह दीदी बैंक आमालोरी द्वारा किया जा रहा है. अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन एवं खाद्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि उन्हें उनका हक का राशन कब मिलेगा.

8 स्थानों पर स्थापित होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र

दुर्ग। दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में 8 स्थानों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित होंगे. स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन घटक के तहत सूखे एवं गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए संयंत्रों की स्थापना तथा पूर्व से स्थापित संयंत्रों के उन्नयन / विकास एवं आगामी 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण कार्य के लिए कुल राशि 1597.69 लाख रुपए के कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है.

निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में महापौर अलका बाघमार ने बैठक में समस्त एमआईसी सदस्यों से अनुरोध करते हुए कहा कि शहर क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 8 स्थानों का शीघ्र चिन्हांकन कर विभाग में जानकारी उपलब्ध कराई जाए. की अध्यक्षता में एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल सहित सभी एमआईसी सदस्यों की उपस्थिति में हुई.

निगम क्षेत्र अंतर्गत नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ प्राप्त हुई हैं. वार्ड 4 गया नगर में 1500 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार के निर्माण कार्य हेतु 15वें वित्त आयोग अनुदान अंतर्गत मिलियन प्लस सिटीज ( जल प्रबंधन) योजना तहत राशि रुपये 199.02 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है.

महाराजा चौक से बोरसी चौक तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण कार्य (लंबाई 1.80 किलोमीटर) के अंतर्गत आवश्यक पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य को स्वीकृति दी गई है. साथ ही मिनीमाता चौक से महाराजा चौक ठगड़ा डेम तक पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य को वर्ष 2025-26 के बजट में सम्मिलित करते हुए इस कार्य हेतु रुपये 439.50 लाख की राशि स्वीकृत की गई है. इसके अतिरिक्त चण्डी मंदिर से नया पारा मार्ग के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (लंबाई 0.90 किलोमीटर) के अंतर्गत पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य के लिए रुपये 100.45 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है.