अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। “ये इश्क नहीं है इतना आसान, एक आग का दरिया है और डूब कर जाना है”- किसी शायर की ये पंक्तियां रोहतास की इस प्रेम कहानी पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। दरअसल, यह प्रेम कहानी है नीतीश और स्नेहा की, जिन्होंने परिवार की रजामंदी के बिना मंदिर में शादी कर अपने नए जीवन की शुरुआत की। दोनों प्रेमी रोहतास जिले के निवासी हैं।

बताया जाता है कि जिले के ही देव पड़सर की रहने वाली स्नेहा और उसी के रिश्ते के रोहतास निवासी नीतीश के बीच चार साल पहले प्रेम संबंध छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ जहां यह दोनों एक निजी हस्पताल में कार्यरत थे। समय के साथ धीरे-धीरे यह रिश्ता गहरा होता गया और दोनों एक-दूसरे से शादी करने का फैसला कर चुके थे। लेकिन इसी बीच स्नेहा के घरवालों ने उसकी शादी किसी और लड़के से तय कर दी।

हालात ऐसे बने कि स्नेहा अपने प्यार से पीछे हटने को तैयार नहीं थी। आखिरकार उसने साहसिक कदम उठाते हुए अपने प्रेमी नीतीश का हाथ थामा और दोनों डेहरी के समीप स्थित एक मंदिर पहुंचे। वहां दोनों ने ईश्वर को साक्षी मान कर एक-दूसरे की मांग में सिंदूर भरकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया। वही मंदिर के पुजारी ने मंत्रों से विवाह को संपन्न कराया।

बता दें कि परिवार और समाज की बंदिशों को चुनौती देते हुए नीतीश और स्नेहा ने अपने प्यार को नाम दे दिया और एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की।

ये भी पढ़ें- वैशाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हाजीपुर में भाई-बहन समेत तीन गिरफ्तार, 63.50 ग्राम हीरोइन बरामद