Stock Market Crash: बजट पेश होने से पहले शेयर बाजार में भारी कोहराम का माहोल है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट आई. इसकी बड़ी वजह यह रही कि निवेशक इस वीकेंड पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले सतर्क नजर आए. इसी कारण शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ गई. बाजार खुलने के सिर्फ 15 से 20 मिनट के भीतर करीब ₹4 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई.

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Stock Market Crash
Stock Market Crash

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब −521.27 अंक यानी 0.63% गिर गया. कारोबार के दौरान यह 82,045.10 के निचले स्तर तक पहुंच गया. निफ्टी 50 भी −166.55 अंक यानी 0.66 फीसदी टूटकर 25,252.35 पर आ गया. यह 25,300 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया.

इस तेज बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति पहले 15 मिनट में ही करीब ₹4 लाख करोड़ घट गई. बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप गिरकर ₹455.73 लाख करोड़ रह गया.

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बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण

1. बजट को लेकर चिंता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. बजट के दिन खास ट्रेडिंग सेशन भी रखा गया है. इसी वजह से निवेशक इंतजार और देखो की रणनीति अपनाते दिखे. बजट को देश की आर्थिक स्थिति और कंपनियों की कमाई के लिए अहम माना जा रहा है.

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2. कमजोर रुपया

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना रहा. हालांकि कारोबार के दौरान इसमें हल्की रिकवरी दिखी. शुक्रवार को रुपया 7 पैसे मजबूत होकर 91.92 पर पहुंचा. रुपये की कमजोरी से विदेशी पूंजी के बाहर जाने और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ी, जिसका असर बाजार पर पड़ा.

3. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. मिडिल ईस्ट में तनाव और ईरान को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें पांच महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं. ऊंचे तेल दाम भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं.

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4. ग्लोबल बाजारों का दबाव

वैश्विक बाजारों में भी सतर्क माहौल रहा. एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अमेरिका से जुड़ी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया.

5. टेक्निकल संकेत कमजोर

टेक्निकल संकेत भी बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे थे. हाल की तेजी के बाद ऊंचे स्तर पर बाजार टिक पाएगा या नहीं, इसको लेकर विश्लेषकों ने सतर्क रहने की सलाह दी है. नए पॉजिटिव संकेत न मिलने पर बाजार पर दबाव बना रह सकता है.

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