वैशाली। बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरौल थाना क्षेत्र के सोंधो अंधारी गाछी चौक पर 91 वर्षीय झपकी देवी के निधन के बाद उनके परिजन शव को श्मशान घाट ले जा रहे थे। आरोप है कि श्मशान जाने वाले रास्ते पर स्थानीय दुकानदारों ने लंबे समय से अतिक्रमण कर रखा है। जब परिजन अंतिम यात्रा लेकर पहुंचे तो उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

रास्ता नहीं मिलने से आक्रोशित और मजबूर परिवार ने चौराहे पर ही चिता सजाकर बुजुर्ग महिला का दाह संस्कार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने का रास्ता काफी समय से बाधित है और कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया।

डीएम वर्षा सिंह ने लिया संज्ञान, जांच समिति गठित

मामला सामने आते ही जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर महुआ के एसडीओ, डीएसपी और गोरौल के बीडीओ की संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता की भी तस्वीर पेश करती है।