Rajasthan News: शहर में टैक्स चोरी के खिलाफ सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) की एंटी इवेजन विंग ने गुरुवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। घी-तेल के बड़े कारोबारी समूह और उससे जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर विभाग ने करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी की आशंका जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीजीएसटी की टीम ने मंडोर कृषि उपज मंडी, सरदारपुरा ई रोड स्थित कारोबारी के आवास और तनावड़ा क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री पर एक साथ दबिश दी। यह छापेमारी पूरी तरह गोपनीय तैयारी के बाद की गई।

गोपनीय सूचना से खुला खेल

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मंडोर कृषि उपज मंडी से संचालित इस कारोबारी समूह द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत क्लेम और वास्तविक स्टॉक से अधिक बिक्री दर्शाने की गोपनीय सूचना एंटी इवेजन विंग को मिली थी। इसके बाद पिछले कुछ समय से कारोबारी की जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल, खरीद-बिक्री पैटर्न और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की तकनीकी निगरानी की जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कागजों और डिजिटल रिकॉर्ड में भारी अंतर सामने आया, जिसके बाद विभाग ने छापेमारी का निर्णय लिया।

डिजिटल डिवाइसेज और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने कारोबारी फर्म के कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बही-खाते जब्त किए हैं। इन सभी दस्तावेजों और डिवाइसेज को सील कर विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रारंभिक जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं, जो करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

स्टॉक मिलान और आईटीसी की गहन जांच

सीजीएसटी अधिकारी फिलहाल फैक्ट्री और मंडी परिसर में मौजूद घी-तेल के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया। साथ ही यह भी जांच की कि किन-किन फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया और क्या वे फर्मे वास्तव में अस्तित्व में हैं या केवल कागजी हैं।

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