उत्तराखंड. भगवान बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा. 26 जनवरी को बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) ने अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इसकी घोषणा की थी. आगामी बोर्ड बैठक में ये प्रस्ताव पारित होने की बात कही गई थी. इसी बीच गंगोत्री धाम में प्रवेश वर्जित को लेकर निर्णय लिया गया. अब इसके बाद यमुनोत्री में ये प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आगामी अप्रैल माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) के दौरान यमुनोत्री धाम में यह नियम लागू कर दिया जाएगा.

समिति के पदाधिकारियों के अनुसार सिख, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों को मंदिर में आने की अनुमति होगी, लेकिन अन्य धर्म समुदाय के लोगों के प्रवेश पर पूर्णत रोक रहेगी. उनका कहना है कि इन लोगों की ओर से सनातन धर्म का सम्मान नहीं किया जाता है.

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पिछली बैठक में इस विषय पर अध्यक्ष का कहना था कि ‘देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है. केदारखंड से लेकर मानसखंड तक स्थापित मंदिर श्रृंखला में परंपरागत रूप से गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है, लेकिन गैर बीजेपी सरकारों के समय परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है. ऐसे में परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित हो सके, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.’