हेमंत शर्मा, इंदौर। स्वच्छता में लगातार नंबर 1 शहर कहलाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से एक और मौत हो गई है। शुक्रवार शाम एक और बुजुर्ग की मौत के साथ ही इस जल त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। वे पिछले करीब एक महीने से हॉस्पिटल में भर्ती थे, जिसमें वे 20-25 दिन तक वेंटिलेटर पर जीवन-मौत की जंग लड़ते रहे। उल्टी-दस्त से शुरू हुई बीमारी ने उनके किडनी और लिवर को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस मौत के बाद अस्पताल में अभी भी 2 मरीज क्रिटिकल हालत में हैं – एक वेंटिलेटर पर और एक आईसीयू में। कुल मिलाकर क्षेत्र में 450 से ज्यादा लोग पहले ही इस संक्रमण के कारण भर्ती हो चुके हैं, जबकि 8-10 मरीज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं।

क्या है मामला?

भागीरथपुरा में पेयजल लाइन में ड्रेनेज/सीवर लाइन के साथ लीकेज होने से पानी दूषित हो गया था। इससे डायरिया, उल्टी, बुखार और गंभीर ऑर्गन फेलियर जैसी समस्याएं फैलीं। शुरुआत में 7 मौतें हुईं, लेकिन अब यह संख्या 31 तक पहुंच गई है। नगर निगम ने अब ड्रेनेज और पेयजल लाइनों की हाईटेक निगरानी की घोषणा की है, लेकिन पीड़ित परिवारों का कहना है कि यह बहुत देर से हो रहा है।

राजनीतिक बवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जनवरी को ही अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और हालचाल जाना था। इस घटना पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने निगम और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 3 फरवरी को इंदौर में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।

प्रशासन का दावा

नगर निगम आयुक्त और मेयर ने कहा है कि दूषित पानी की सप्लाई रोक दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। साथ ही पानी के सैंपल टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। यह त्रासदी इंदौर की स्वच्छ छवि पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग अब सुरक्षित पेयजल की मांग कर रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m