लखनऊ. कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट (Codeine Cough Syrup Syndicate) मामले में अब शुभम जायसवाल (Shubham Jaiswal) के परिजनों से पूछताछ होगी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए परिजनों को दोबारा तलब किया है. शुभम जायसवाल ने मां और बहन के नाम पर भी फर्जी फर्म खोली थी. अगले सप्ताह मां और बहन को ED ने पूछताछ के लिए तलब किया है. लिहाजा इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद है.
बता दें कि कोडीन कफ सिरप मामले की जांज जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है. वैसे-वैसे कई बड़े खुलासे हो रहे है. मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने इस अवैध कारोबार से 800 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है. हर बोतल पर 500 रुपए का मुनाफा लिया गया है. आरोपी ने 2.24 करोड़ बोतलें बांग्लादेश भेजी है. एक बोतल की खरीद 100 से 120 रुपये थी. आरोपियों ने अवैध बिक्री से कुल 1,100 करोड़ की आमदनी की है.
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छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपी शुभम जायसवाल ने दवा कंपनी को 300 करोड़ का भुगतान किया था. कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ जांच पड़ताल चल रही है. शुभम ने अपनी 800 करोड़ रुपये की कमाई में अपने साथियों को भी हिस्सेदार बनाया था. यह अवैध कारोबार एक सिंडीकेट के जरिए चलाया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में इस पूरे अवैध धंधे का खुलासा हुआ था. आरोपी के पिता ने रांची में मेसर्स शैली ट्रेडर्स नामक दवा फर्म खोली थी, जिससे ये अवैध कारोबार चलाया गया.
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने झारखंड के अधिकारियों की मदद से इस मामले का पर्दाफाश किया था. उसके बाद शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. इसके बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और बीएसएफ ने भी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश भेजी जा रही सिरप की खेप को सीमा पर पकड़ लिया, जिससे इस सिंडीकेट के अन्य सदस्य भी सामने आए. ईडी और अन्य एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
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