जयपुर। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार से राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां देश के अन्य राज्यों से अलग हैं, ऐसे में विकास के लिए विशेष सहायता जरूरी है।

रेगिस्तान और दुर्गम इलाकों से बढ़ती है लागत
टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी और दुर्गम क्षेत्रों में फैला है। यहां योजनाओं को लागू करना और विकास कार्य कराना अन्य राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा पड़ता है। इसके बावजूद केंद्र से कोई अतिरिक्त मदद नहीं मिलना प्रदेश के साथ अन्याय है। उन्होंने विशेष श्रेणी में शामिल करने की मांग दोहराई।
पेट्रोल-डीजल से लेकर परियोजनाओं तक उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने बजट को खोखले वादों का दस्तावेज बताते हुए कहा कि देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक समान होनी चाहिए, लेकिन राज्यों में अलग-अलग दरें आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को ट्रेन कोच फैक्ट्री मिलनी थी और रिफाइनरी परियोजना समय पर पूरी होनी थी, लेकिन केंद्र की अनदेखी के चलते दोनों योजनाएं पिछड़ रही हैं।
हाईवे की हालत पर तंज
जूली ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना तो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गाड़ी में कांच का गिलास रखकर दिखाया कि उसमें से पानी नहीं छलक रहा है। लेकिन अब आप चलाकर देखिए। गिलास क्या… वो गाड़ी ही गिर जाएगी। ये हालत आज हाईवे की है। जिस स्पेस टेक्नोलॉजी का जिक्र पीएम मोदी ने किया वो धरातल पर परेशानी खड़ी कर रही है। फिर भी मैं चाहूंगा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आम जनता को टैक्स में बड़ी राहत मिलनी चाहिए।
बजट से ये हैं उम्मीदें
टीकाराम जूली ने कहा कि आगामी बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने चाहिए, सामाजिक सुरक्षा मजबूत होनी चाहिए और आम जनता को टैक्स में ठोस राहत मिलनी चाहिए।
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