रायपुर। अपनी मांगों को लेकर मध्यान्ह भोजन रसोइया संयुक्त संघ के बैनर तले आंदोलनरत सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों के खिलाफ अभनपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. संघ के 500-600 सदस्यों के खिलाफ चक्काजाम करने और तोड़फोड़ करने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
गौरतलब है कि मध्यान्ह भोजन संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 29 जनवरी को ग्राम तूता रेलवे अंडरब्रिज के पास अपनी मांगों को लेकर धरना दिया था. पुलिस के मुताबिक, धरना शांतिपूर्ण रूप से चल रहा था, लेकिन बाद में आंदोलन उग्र हो गया. आरोप है कि धरना समाप्त होने के बाद संघ के कुछ नेताओं द्वारा भड़काऊ भाषण दिए गए, जिससे प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए.

इसके बाद राम गुलाम ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारी नवा रायपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहुंच गए और वहां रैली निकालते हुए सड़क पर बैठकर जाम कर दिया. इस दौरान शासन-प्रशासन, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और नारेबाजी की गई.
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अभनपुर द्वारा रैली को अवैध बताते हुए बार-बार समझाइश दी गई कि मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने से आम नागरिकों को परेशानी होगी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्देशों की अनदेखी की. सड़क जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा. थाना प्रभारी अभनपुर की ओर से दर्ज कराई गई.
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने रामराज कश्यप (प्रदेश अध्यक्ष), मेघराज बघेल (प्रदेश सचिव), कचरा चंद्राकर (प्रदेश उपाध्यक्ष), सुनीता, उल्फी यादव, कन्हैया यादव (प्रदेश कोषाध्यक्ष), राम गुलाम ठाकुर सहित 500-600 अज्ञात सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि मामले में विवेचना जारी है. वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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