Rajasthan News: करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और सह-आरोपी मेहबूब अंसारी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।

मामले की सुनवाई जस्टिस विनोद कुमार भारवनी की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि जांच अभी जारी है और कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ बाकी है।
अभियोजन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने अलग-अलग नामों से फर्जी बिल तैयार कर शिकायतकर्ता से रकम ट्रांसफर करवाई। यह राशि विभिन्न खातों में डलवाकर खुद के उपयोग में ली गई। बताया गया कि इस तरीके से अलग-अलग खातों में कुल 4 करोड़ 23 लाख 13 हजार 424 रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिनमें से 1 करोड़ 65 लाख 69 हजार 955 रुपये आरोपियों ने अपने ही खातों में डलवाकर कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किए।
विशिष्ट लोक अभियोजक ने यह भी कहा कि सह-आरोपी मेहबूब अंसारी की भूमिका जांच में सक्रिय पाई गई है। आरोप है कि प्रार्थी गवाहों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जमानत मिलने पर जांच प्रभावित होने की आशंका है।
इन दलीलों के बाद हाईकोर्ट ने श्वेतांबरी वी. भट्ट पत्नी विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट पुत्र प्रवीण भट्ट और मेहबूब अंसारी पुत्र उस्मान अंसारी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
यह मामला उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत आठ लोगों के खिलाफ करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
डॉ. मुर्डिया के अनुसार, एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी, जिसने पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद 24 अप्रैल 2024 को उन्हें मुंबई के वृंदावन स्टूडियो बुलाया गया, जहां विक्रम भट्ट से मुलाकात हुई और बायोपिक समेत अन्य फिल्मों को लेकर चर्चा हुई।
आरोप है कि बाद में विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने 47 करोड़ रुपये में चार फिल्में बनाने और 100 से 200 करोड़ रुपये तक मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान अलग-अलग व्यक्तियों और कंपनियों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराए गए।
चार में से सिर्फ दो फिल्में रिलीज
शिकायत के अनुसार, तय चार फिल्मों में से केवल दो ही बनकर रिलीज हुईं। तीसरी फिल्म ‘विश्व विराट’ करीब 25 प्रतिशत तक ही बन पाई, जबकि चौथी फिल्म ‘महाराणा-रण’ की शूटिंग अब तक शुरू नहीं हुई। आरोप है कि इस फिल्म के नाम पर करीब 25 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली गई।
इस मामले में पीड़ित डॉ. अजय मुर्डिया ने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी, बेटी समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ उदयपुर के भूपालपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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