कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी का ग्वालियर शहर कहने को तो स्मार्ट सिटी है। लेकिन इस स्मार्ट सिटी में स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था का हर किसी नागरिक को इंतजार है। ग्वालियर शहर में जगह-जगह ट्रैफिक लगने के कारण लोग परेशान हैं।
ग्वालियर शहर को तेजी से बदलने का दावा किया जा जाता है, ऊंची ऊंची इमारतें,डिजिटल होता हुआ ग्वालियर आज भी ट्रैफिक व्यवस्था में बहुत पिछड़ा हुआ है। उसके पीछे सबसे बड़ी वजह शहर की बदहाल पार्किंग व्यवस्था है। यह सवाल आज इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि शहर में जगह-जगह ट्रैफिक जाम और बेदर्दी तरीके से सड़क किनारे पार्किंग के कारण शहर के लोग ही परेशान हो रहे हैं। कुछ आंकड़े आपको बताते हैं जिसको लेकर आप सोच सकते हैं कि शायद इसकी वजह से ट्रैफिक जाम शहर की बड़ी परेशानी बन गया है।
– ग्वालियर जिले में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
– खासकर दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार,जिले में कुल रजिस्टर्ड वाहन लगभग 13.5 लाख हैं।
– मोटरसाइकिल/स्कूटर की संख्या 11 लाख से अधिक है।
– चार-पहिया वाहनों (कार/जीप आदि) की संख्या करीब 2.32 लाख है।
इतने वाहनों के बीच ग्वालियर शहर में जगह-जगह जाम और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को दोषी नहीं माना जा सकता। इसके पीछे बड़ी वजह है शहर की पार्किंग व्यवस्था। यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ग्वालियर स्मार्ट सिटी और नगर निगम ने करोड़ों की लागत से पार्किंग तैयार की, जिनमें मल्टीलेवल और हाइड्रोलिक कार पार्किंग शामिल है। लेकिन उनके रखरखाव ना के कारण आज वह बदहाल स्थिति में है। स्थानीय लोग सड़कों पर कार और दो पहिया वाहन को पार्क कर रहे हैं। जिसके चलते शहर में जगह-जगह ट्रैफिक स्पीड स्लो हो चुकी है और लोग परेशान हो रहे हैं। खासकर शहर के ओल्ड हाई कोर्ट स्थित हाइड्रोलिक स्मार्ट पार्किंग और राजीव प्लाजा स्थित स्मार्ट पार्किंग के हालात बहुत बदहाल है।
मौका मुआयना किए जाने के बाद यह साफ हुआ कि रखरखाव की कमी और लोगों की जागरूकता इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह है। ऐसे में इस गंभीर मामले पर राजनीति न हो यह भला कैसे हो सकता है। यही वजह है कि नगर सरकार में एमआईसी सदस्य अवधेश कोरव का कहना है कि बिना किसी प्लानिंग के खासकर स्मार्ट सिटी द्वारा पार्किंग तैयार की गई। मौके की स्थिति को नहीं देखा गया। लोगों की जरूरत का ध्यान नहीं रखा गया। इसके चलते आज जो पार्किंग मौजूद है वह खाली है और जहां जरूरत है वहां पर नगर निगम की पार्किंग नहीं है।
वहीं भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास जो नगर सरकार में विपक्ष में हैं का कहना है कि ग्वालियर शहर के लोग जागरुक है, लेकिन जिम्मेदार बिना किसी प्लानिंग के कहीं भी पार्किंग तैयार कर रहे हैं। जिसके चलते ग्वालियर के स्थानीय लोगों के साथ ही शहर में आने वाले लोग पार्किंग व्यवस्था को लेकर परेशान रहते हैं। जिसका खामियाजा स्थानीय व्यापारियों और अन्य लोगों को भुगतना पड़ता है।
ग्वालियर शहर की इस गंभीर समस्या पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय का कहना है कि शहर में दो दर्जन से अधिक पार्किंग संचालित हो रही है, खासकर व्यस्ततम और व्यापारिक इलाकों में नगर निगम द्वारा पार्किंग संचालित की जाती है। लेकिन यह बात सामने आई है कि कुछ जगहों पर नगर निगम के टेंडर नहीं हो सके हैं। ऐसे में विभागीय रूप से उन जगहों पर पार्किंग संचालित की जा रही है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी की मल्टी लेवल पार्किंग को जल्द दुरुस्त किए जाने के प्रयास किया जा रहे हैं। उम्मीद है कि मार्च तक वह ठीक हो जाएगी जिसके चलते शहर और आने वाले लोगों को बेहतर पार्किंग व्यवस्था ग्वालियर मिल सकेगी।
बहरहाल ग्वालियर शहर को स्मार्ट पार्किंग के साथ ही स्मार्ट सोच की जरूरत है, करोड़ों रुपए की लागत से तैयार पार्किंग आज कंडम हो चुकी है उन्हें स्मार्ट सुधार की जरूरत है। यदि प्लानिंग के तहत ग्वालियर शहर में मजबूत ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था स्थापित की जाती है तो ग्वालियर शहर को एक मजबूत व्यवस्था हासिल हो सकेगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


