ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने रविवार को हैरान करने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य अब यूरोपीय संघ के सभी देशों की सेनाओं को आतंकवादी समूह मानता है। यह कड़ा बयान यूरोपीय संघ के उस फैसले के जवाब में आया है, जिसमें ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई के कारण आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।

कालिबाफ ने पहनी IRGC की वर्दी

कालिबाफ ने ईरानी संसद में तब यह बात कही जब वो और कई अन्य सांसद IRGC की वर्दी पहने हुए थे जो एकजुटता का प्रतीक था। उन्होंने 2019 में पारित ईरान के एक कानून के अनुच्छेद 7 का हवाला देते हुए कहा कि IRGC को आतंकवादी घोषित करने के जवाब में यूरोपीय देशों की सेनाओं को आतंकवादी माना जाएगा। यह घोषणा मुख्य रूप से प्रतीकात्मक मानी जा रही है, क्योंकि ईरान पहले भी अमेरिका द्वारा IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बाद इसी तरह के जवाबी कदम उठा चुका है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है।

ईरान करने जा रहा है सैन्य अभ्यास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की बार-बार धमकी दी है। इसी बीच, ईरान ने रविवार और सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास की योजना बनाई है। यह जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से गुजरता है।

खामेनेई के प्रति जवाबदेह है IRGC

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को नियंत्रित करता है और देश की अर्थव्यवस्था में इसकी गहरी पैठ है। यह बल सीधे 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति जवाबदेह है। संसद सत्र के दौरान सांसदों ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इज़रायल मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए।

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