जयपुर। राजस्थान की बेटियों के लिए रक्षा और अनुशासन के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा मौका आया है. राज्य सरकार इस सत्र से प्रदेश में पहली बार दो नए सरकारी बालिका सैनिक स्कूल शुरू करने जा रही है. इन स्कूलों में प्रवेश को लेकर छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 160 सीटों के लिए करीब 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं.

एक सीट पर 72 दावेदार: 8 मार्च को होगी चयन परीक्षा

बीकानेर और सीकर में खुलने वाले इन स्कूलों में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए कड़ा मुकाबला है. औसतन एक सीट के लिए 72 छात्राएं मैदान में हैं.

  • परीक्षा की तिथि: 8 मार्च 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी.
  • नया सत्र: प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 जुलाई 2026 से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा.
  • त्रुटि सुधार: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती रह गई है, तो छात्राएं 1 से 5 फरवरी 2026 तक शाला दर्पण पोर्टल पर सुधार कर सकती हैं.

इसी सत्र (2026) से शुरू होने वाले स्कूल

वर्तमान में केवल 2 बालिका सैन्य स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू हुई है.

  • बीकानेर (जयमलसर): ‘रामीदेवी रामनारायण राठी बालिका सैन्य विद्यालय’ का 30 एकड़ में बना भवन तैयार है。
  • सीकर (रलावता): ‘महाराव शेखाजी बालिका सैन्य विद्यालय’ इसी सत्र से संचालित होगा。
  • प्रवेश: इन दोनों स्कूलों की कुल 160 सीटों के लिए 8 मार्च को परीक्षा होगी。

अगले चरण में प्रस्तावित अन्य स्कूल

सरकार की योजना प्रदेश के सभी संभागों में स्कूल खोलने की है, जिनके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है:

  • कोटा संभाग: रामगंज मंडी के उनडवा में 42 हेक्टेयर भूमि आवंटित है。
  • जोधपुर संभाग: जैसलमेर के राजस्व ग्राम में 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है。
  • अजमेर संभाग: हाथी खेड़ा में 30 एकड़ भूमि पर निर्माण प्रस्तावित है。
  • भरतपुर संभाग: मिलकपुर में 12 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है。
  • जयपुर संभाग: अलवर के हल्दीना में निर्माण होगा और जयपुर में जमीन आवंटन प्रक्रियाधीन है。
  • उदयपुर संभाग: यहाँ वर्तमान में भूमि आवंटन की कार्यवाही जारी है。

आरक्षण और प्रवेश नीति

इन स्कूलों में प्रवेश राज्य सरकार की वर्तमान आरक्षण नीति के आधार पर दिया जाएगा. शिक्षा विभाग ने आरक्षण की अंतिम सीमा और नियमों को लेकर सरकार से स्पष्ट स्वीकृति मांगी है, जिसके बाद ही परिणाम और मेरिट सूची जारी की जाएगी. वर्तमान में चित्तौड़गढ़ और झुंझुनूं में केंद्र सरकार के अधीन सैनिक स्कूल संचालित हैं, लेकिन ये नए स्कूल पूर्णतः राज्य सरकार के अधीन होंगे.

अगले साल की बड़ी योजना: हर संभाग में होगा सैनिक स्कूल

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा 2024-25 के तहत शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का विस्तार अगले साल और बड़े स्तर पर किया जाएगा.

  • सात नए स्कूल: अगले सत्र (2027) से प्रदेश के सभी 7 संभाग मुख्यालयों पर एक-एक बालिका सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी है.
  • सरकार का लक्ष्य हर संभाग की बेटियों को सेना में जाने के लिए स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय ट्रेनिंग उपलब्ध कराना है.