चंडीगढ़। छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती को फिर व्यवहारिक पेशा बनाने के प्रयासों के तहत सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ विचार किया। बैठक में स्मार्ट खेती, उन्नत कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग पर फोकस किया गया। सीएम ने निवेशकों को 13 से 15 मार्च तक मोहाली में होने वाले पंजाब समिट 2026 में आने का न्योता दिया।

मान ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि को लाभदायक उद्यम बनाने के लिए पंजाब और दक्षिण कोरिया के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना है। कोरियाई डेलिगेट ने पंजाब की समृद्ध विरासत और कामकाज के अनुकूल वातावरण की सराहना की। सीएम ने कहा कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और इसने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। हालांकि घटते कृषि क्षेत्रफल के कारण खेती अब कम लाभकारी होती जा रही है।

छोटे किसानों को टेक्नोलॉजी समाधान देने के लिए कोरियाई की एक्सपर्ट मदद लेने को तैयार
मान ने कहा कि पंजाब स्मॉल एग्रीकल्चर मशीनरी सेक्टर में दक्षिण कोरिया से निवेश आकर्षित करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि कृषि क्षेत्र में दक्षिण कोरिया के पास व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता है।

उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया में सीमित भूमि के कारण वहां वर्टिकल फार्मिंग और कुशल मशीनीकरण तेजी से विकसित हुआ है, जो पंजाब के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है। दोनों देशों के ऐतिहासिक समानताओं का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया ने लगभग एक ही समय स्वतंत्रता प्राप्त की और दोनों देशों के सामने गरीबी एक बड़ी चुनौती थी। पंजाब ने पंजाब कृषि विवि के सहयोग से खाद्यान्न अधिशेष राज्य बनकर इस चुनौती को पार किया और आज केंद्र के अनाज भंडार में सबसे बड़ा योगदान देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। पंजाब छोटे किसानों को टेक्नोलॉजी समाधान देने के लिए कोरियाई की एक्सपर्ट मदद लेने को तैयार है।