Hem Singh Bhadana : राजस्थान की राजनीति से सोमवार सुबह एक दुखद खबर सामने आई। पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का करीब 7:30 बजे अलवर स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। वे 58 वर्ष के थे। भड़ाना लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हाल ही में उन्हें ब्रेन हेमरेज भी हुआ था, जिसके बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका लंबे समय तक इलाज चला।

ब्रेन हेमरेज के बाद बिगड़ी हालत

परिजनों के अनुसार, हेमसिंह भड़ाना कैंसर से मजबूती से लड़ रहे थे, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। सोमवार सुबह उन्होंने अपने पैतृक जिले में परिवार के बीच अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही अलवर सहित आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक और राजनीतिक नेता उनके निवास पर पहुंचने लगे।

जमीनी कार्यकर्ता से कैबिनेट मंत्री तक का सफर

हेमसिंह भड़ाना ने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की थी। वे वर्ष 2008 से 2013 तक तेरहवीं विधानसभा के सदस्य रहे। इस दौरान वे राजस्थान विधानसभा की पुस्तकालय समिति और पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य रहे। इसके बाद वर्ष 2013 से 2018 तक चौदहवीं विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया।

वर्ष 2014 में उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में उन्हें उपभोक्ता मामलों का भी प्रभार सौंपा गया। वर्ष 2016 में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उन्हें मुद्रण एवं लेखन सामग्री, स्टेट मोटर गैराज और संपदा विभाग का मंत्री बनाया गया। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहा।

भाजपा नेता हेमसिंह भड़ाना शुरू से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। वर्ष 1991-92 में वे राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय, अलवर के छात्र संघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद 10 फरवरी 2005 को वे पंचायत समिति किशनगढ़बास के प्रधान बने।

लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे

सोमवार तड़के करीब 6:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें अलवर के टेल्को चौराहा स्थित हरीश अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 7:00 बजे इमरजेंसी में लाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पूर्व मंत्री के निधन के सम्मान में भारतीय जनता पार्टी ने अलवर और खैरथल जिलों में आज होने वाले सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

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