किशनगंज। पटना से डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की विशेष टीम ने किशनगंज में अहमद कंपनी के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर तीन दिन तक चली छापेमारी की कार्रवाई रविवार को समाप्त की। यह कार्रवाई टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित दुरुपयोग के संदेह में की गई। अहमद कंपनी चमड़ा, लोहा, सीमेंट, सरिया, बाइक शोरूम और पेट्रोल पंप सहित कई बड़े कारोबारों से जुड़ी हुई है।

कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने किशनगंज, बहादुरगंज और अररिया स्थित कंपनी के गोदामों, शोरूम और पेट्रोल पंपों पर एक साथ जांच शुरू की। बहादुरगंज में 12 से अधिक वाहनों के साथ करीब 45 अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे। शनिवार दोपहर से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने दस्तावेज, बिलिंग रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा की गहन जांच की। एक लैपटॉप से कंपनी का पूरा लेखा-जोखा खंगाला गया और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।

फर्जी इनवॉइस और सीमेंट बिलिंग पर विशेष फोकस

जांच में संवेदनशील सामान की बिलिंग और सीमेंट की बड़े पैमाने पर कथित फर्जी बिलिंग को विशेष रूप से खंगाला गया। आशंका है कि फर्जी इनवॉइस जारी कर जीएसटी नियमों का उल्लंघन किया गया और कर चोरी की गई।

हालांकि DGGI की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं और आगे की जांच जारी रहेगी। यह कार्रवाई बिहार में जीएसटी चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।