भारत का रविवार (1 फरवरी, 2026) को यूनियन बजट पेश हुआ और इसके साथ ही ये चर्चा शुरू हो गई कि भारत रक्षा क्षेत्र पर कितना और कहां-कहां खर्च करने वाला है. भारत के रक्षा बजट से सबसे ज्यादा परेशान पाकिस्तान है और वहां इसकी खूब चर्चा हो रही है. पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने पहले तो भारत का बजट देखकर हैरानी जताई और कहा कि अगर भारत रूसी हथियार खरीदता है तो क्या अमेरिका उस पर CAATS एक्ट (काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरिज थ्रू सेंक्शन एक्ट) लगाएगा या नहीं.

पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि अमेरिका ने रूस से S-400 खरीदने पर तुर्किए पर CAATS एक्ट लगाया था, लेकिन भारत पर नहीं.

कमर चीमा ने कहा कि भारत ने डिफेंस बजट 15 प्रतिशत बढ़ा दिया है, लेकिन ये असामान्य बात है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट का 14.68 प्रतिशत डिफेंस के लिए है. किसी और मंत्रालय को इतना बजट नहीं मिला है. इस वक्त इंडिया का डिफेंस बजट करीब 8 लाख करोड़ रुपये है. 

कमर चीमा ने कहा कि अगर भारत Su-57 खरीदता है तो इसका मतलब अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत उनसे F-35 नहीं खरीद रहा है. उन्होंने कहा कि Su-57 खरीदने की एक वजह तो ये है कि ये उन्हें जल्दी मिल सकता है क्योंकि इनका रूस के साथ वो कंफर्ट लेवल है, लेकिन ये भी बात है कि जितना जल्दी इंडिया को एस-400 चाहिए था, वो नहीं आया.

CAATS एक्ट अमेरिका का एक कानून है, जो रूस, ईरान और साउथ कोरिया के साथ महत्वपूर्ण लेन-देन करने वाले देशों या संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाता है. तुर्किए पर साल 2020 में रूस से डिफेंस सिस्टम S-400 खरीदने के लिए यह एक्ट लगाया गया था. 

पाक एक्सपर्ट ने कहा कि Su-57 पांचवीं पीढ़ी का जेट है और इंडिया के पास 4.5 जेनरेशन के हथियार पहले से हैं. अब देखना ये है कि अमेरिका भारत के ऊपर CAATS एक्ट (काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरिज थ्रू सेंक्शन एक्ट) लगाता है या नहीं. 

कमर चीमा ने आगे कहा कि पिछली बार जब भारत ने एस-400 रूस से खरीदा तो अमेरिका ने  CAATS एक्ट नहीं लगाया, उन्होंने कहा कि हम आपको छूट देते हैं, जो इन्होंने तुर्किए को नहीं दी थी. कमर चीमा ने कहा कि भारत बेसिकली इसलिए Su-57 खरीद रहा है कि उसको लगता है कि वो इसका लोकल वर्जन बना सकते हैं और अमेरिका टेक्नोलॉजी ट्रांसफर नहीं करता है.

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