Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के बीच मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इसी महीने आरक्षण लागू करने और सीटों की लॉटरी प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की तैयारी है।

पंचायत चुनाव में आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया अहम मानी जाती है, क्योंकि इसी के जरिए तय होता है कि सरपंच, वार्ड पंच और जिला प्रमुख की कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगी।

वोटर लिस्ट अंतिम चरण में

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में प्रदेश की 14,600 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव होंगे। कमीशन स्तर पर मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यूनिट वाइज वोटर लिस्ट तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है और सूचियों पर आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं।

मार्च में पूरी होगी आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के सात दिन के भीतर आरक्षण का फॉर्मूला लागू कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद सीटों की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि यह पूरी कवायद मार्च के भीतर पूरी कर ली जाएगी, ताकि चुनाव समय पर कराए जा सकें।

कार्यकाल को लेकर सरकार के सामने फैसला

प्रदेश की 12 जिला परिषदों और उनसे जुड़ी पंचायत समितियों का कार्यकाल इसी साल सितंबर से दिसंबर के बीच समाप्त होना है। ऐसे में सरकार को यह तय करना है कि इन क्षेत्रों में चुनाव अभी कराए जाएं या बाद में। कानून के तहत राज्य सरकार को कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले बोर्ड भंग करने का अधिकार है।

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