पटना। 5 अगस्त 2024 को बिहार की चर्चित आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा के इस्तीफे की खबर ने सबको चौंका दिया था। 2019 बैच की इस अधिकारी ने महज 28 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में UPSC पास कर दरभंगा ग्रामीण एसपी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। अपराधियों के बीच लेडी सिंघम के नाम से मशहूर काम्या ने अचानक निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। 27 मार्च 2025 को उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया।

राजधानी आपको हिला देगी, लेकिन डिगना मत

इस्तीफे के 18 महीने बाद एक टॉक शो में काम्या ने अपने फैसले और पुलिस सेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, वर्दी असल में कभी उतारी नहीं जाती, बस अपना रूप बदल लेती है। पटना पोस्टिंग के दौरान एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर की बात याद करते हुए उन्होंने बताया कि राजधानी की चुनौतियां मानसिक रूप से झकझोर देती हैं, लेकिन डटे रहना ही असली परीक्षा है।

पुलिस की जिंदगी-त्योहारों से ज्यादा तनाव

काम्या ने कहा कि जब लोग त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी दंगे या विरोध-प्रदर्शन की आशंका में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। सबसे कठिन पल तब होता है जब अपने सहयोगियों को घायल या शहीद होते देखना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों को अक्सर धन्यवाद नहीं, बल्कि वरिष्ठों, परिवार और जनता की नाराजगी झेलनी पड़ती है।

अंत में उन्होंने समाज से अपील की कि अगली बार किसी पुलिस अधिकारी को देखें तो सम्मान की नजर से देखें, क्योंकि वे हर दिन समाज के दुख से जूझते हैं।